इंदौर के एमजी रोड थाना पुलिस ने न्यायाधीश विजेंद्र रावत की शिकायत पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया था। मामले में पुलिस ने निलंबित आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा को गिरफ्तार किया है। वही पुलिस की जांच कोर्ट में मौजूद कर्मचारियों तक पहुंच चुकी है।
गौरतलब है कि कोर्ट में मौजूद कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आ रही है। जिसको लेकर एसपी आशुतोष बागरी ने 4 पेज का पत्र हाई कोर्ट को लिखा है। पिछले दिनों लसूड़िया थाने में मारपीट की धाराओं में आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के ऊपर प्रकरण दर्ज किया गया था। जहां आईएएस अवार्ड से पहले संतोष वर्मा को निर्दोष होने का प्रमाण देना था। जिसको लेकर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किया गया। जिला न्यायाधीश के फर्जी सिग्नेचर की जानकारी लगने के बाद इस मामले की शिकायत संबंधित थाने पर की गई थी। जिस पर अभियोजन अधिकारी अकरम शेख के बयान के बाद पुलिस ने कोर्ट के अन्य कर्मचारियों के भी बयान दर्ज करे थे। पुलिस के हाथ कुछ इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस भी हाथ लगे हैं।
