इंदौर की विजय नगर पुलिस ने शराब सिंडिकेट गोलीकाण्ड के आरोपीयो का जुलुस निकाला जहा करते थे दादागिरी वही बदमशों का जुलुस निकला। जिस कालोनी में सीना ताने खड़े होते, वहां गर्दन झुकाए चल रहे थे बदमाश। आम जनता में बदमाशों का खौफ ख़त्म करने के लिए जुलुस निकाला गया. सिपाहियों ने डंडे लगाए तो कान पकड़कर गिड़गिड़ाने लगे। पुलिस ने सतीश भाऊ के घर की तलाशी ली, तो कट्टा-पिस्टल और चाकू मिले। इन बदमाशों को देखने के लिए सड़क पर मजमा लग गया। उनके हाथ व पैरों में पट्टे बंधे थे और एक-दूसरे को सहारा देकर चल रहे थे।
दरसअल इंदौर की विजय नगर पुलिस ने मंगलवार शाम गैंगस्टर सतीश भाऊ, चिंटू ठाकुर, शूटर रितेश करोसिया और मोनू उर्फ सुजीत का महालक्ष्मी नगर में पैदल जुलूस निकाला। भाऊ को उसके महालक्ष्मी नगर स्थित फ्लैट में ले जाकर सर्चिंग भी की गई।भाऊ को घर ले गए तो आंखे भर आई। पुलिस ने तलाशी ली और पिस्टल जब्त कर ली। वही भाऊ के घर से अयोध्यापुरी कॉलोनी के कुछ प्लॉट धारकों की रसीदें भी मिलीं, लेकिन जब पुलिस ने संबंधित नंबर और संस्था के रिकॉर्ड से जांच की तो असली रसीदें मालिकों के पास ही होना पता चलीं।वही गैंगस्टर भाऊ के तीन मोबाइल नंबर एसआईटी को मिले हैं। इन तीन नंबरों से वह किस-किस के संपर्क में रहा और फरारी में कौन-कौन उसकी मदद कर रहा था। इसकी कॉल डिटेल रिपोर्ट निकाली जा रही है। पुलिस उसके बैंक खाते की जानकारी भी ले रही है। इसने अपने साले बाबू के नाम पर काफी अवैध संपत्ति ले रखी है।इसके बाद सूजीत को सूरज नगर, प्रमोद को राम नगर और रितेश को बंगाली चौराहा ले गए।पुलिस के अनुसार इनके घरो से हथियारों की जप्ती करनी थी…..
वही गुंडा जुलूस के दौरान एक आरोपी जिसके हाथ मे प्लास्टर चढ़ा हुए है वो अपने टूटे हुए हाथों से एक वायर ऊपर करते हुए दिख रहा है कही ना कही पुलिस पर भी सांवलिया निशान खड़ा हो रहा है कि टूटे हुए हाथों से कोई व्यक्ति कैसे वायर ऊपर कर सकता है
