मध्य प्रदेश में भी बढ़ाया जा सकता है कर्मचारियों और पेंशनरों का महंगाई भत्ता व राहत

By Abhishek Raghuvanshi
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  • केंद्र सरकार 28 प्रतिशत कर चुकी है महंगाई भत्ता वित्त विभाग ने अंतिम निर्णय के लिए मुख्यमंत्री के पास भेजा है प्रस्ताव

त्यौहार और उपचुनाव की जल्द घोषणा की संभावना को देखते हुए शिवराज सरकार भी कर्मचारियों एवं पेंशनरों का महंगाई भत्ता व राहत बढ़ा सकती है। अभी प्रदेश के कर्मचारियों को 12 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। जबकि केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के लिए इसे बढ़ाकर 28 प्रतिशत कर चुकी है। लिहाजा, वित्त विभाग ने प्रस्ताव बनाकर अंतिम निर्णय के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास भेज दिया है।

केंद्र सरकार के महंगाई भत्ता व राहत बढ़ाने के बाद कुछ राज्यों ने भी अपने कर्मचारियों के लिए इसमें वृद्धि कर दी है। अब प्रदेश के कर्मचारी और पेंशनर भी इसको लेकर मांग कर रहे हैं।

दरअसल, प्रदेश में कमल नाथ सरकार ने पांच प्रतिशत महंगाई भत्ते में वृद्धि के आदेश कर दिए थे लेकिन कोरोना संकट की वजह से प्रभावित अर्थव्यवस्था को देखते हुए सरकार ने आदेश स्थगित कर दिया था। तब से ही महंगाई भत्ता व राहत में वृद्धि नहीं हुई है।

हालांकि इस बीच कर्मचारियों को वार्षिक वेतनवृद्धि का लाभ दिया जा चुका है वित्त विभाग ने महंगाई भत्ता व राहत में वृद्धि का प्रस्ताव बनाकर भी दे दिया है लेकिन इस पर अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है। माना जा रहा है कि खंडवा लोकसभा, पृथ्वीपुर, रैगांव और जोबट विधानसभा के उपचुनाव की जल्द घोषणा की संभावना है और त्योहार भी शुरू हो रहे हैं, इसे देखते हुए सरकार महंगाई भत्ता और राहत बढ़ाने का निर्णय कर सकती है आर्थिक गतिविधियां भी अब प्रदेश में बढ़ गई हैं और राजस्व संग्रहण की स्थिति में भी तेजी से सुधार हो रहा है पांच प्रतिशत महंगाई भत्ते में वृद्धि पर सरकार के ऊपर लगभग साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा।

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