मध्यप्रदेश के इंदौर में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे जानने के बाद हर किसी के होंश उड़ जाए।
दरअसल, यहां होस्टल में वार्डन की नौकरी पाने के चक्कर मे एक मुस्लिम महिला ने खुद को हिंदू धर्म की बताकर पहले तो नौकरी पाई और उसके बाद उसने जालसाजी की नींव रखकर अपने परिजनों को भरपूर लाभ कमवाया। इस बात का खुलासा उस वक्त हुआ जब अकाउंट विभाग द्वारा ऑडिट किया गया। इसके बाद जब होस्टल वार्डन से सख्ती से पूछताछ की गई तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।
इंदौर कर पलासिया क्षेत्र में सोहम गर्ल्स हॉस्टल है जिसके मालिक सुनील पिता शरद जैन निवासी हुक्माखेड़ी राजेंद्र नगर है और वो पिछले कई सालों हॉस्टल संचालन का काम करते है। 3 साल पहले ज्योति शर्मा नामक महिला ने वहां वार्डन के तौर पर नौकरी ज्वाइन कर ली। इन 3 सालों हॉस्टल वार्डन के रिश्तेदारो का भी हॉस्टल में आना जाना लगा रहता था। अब बात हॉस्टल वार्डन की धोखाधड़ी की तो उसने तीन साल में लाखों रूपये की चपत लगाकर अपने रिश्तेदारों के खातों में रकम जमा कराई इतना ही नही रिश्तेदारों ने उन पैसों से कार, ज्वेलरी, जमीन जैसी बेशकीमती चीजे भी खरीद ली। दरअसल, हॉस्टल वार्डन ज्योति शर्मा ने हॉस्टल में रह रही छात्राओं के हूबहू असली दिखने वाली नकली रसीद बुक बनवा रखी थी और वो छात्राओं से मोटी फीस वसूल कर उन्हें नकली रसीद थमा देती थी इतना ही नही हॉस्टल में होने वाले खर्चो पर वार्डन मोटा कमीशन वसूलती थी।
हालांकि 3 साल में इस बात की भनक तक किसी को नही लगी जैसे ही अकाउंट ऑडिट किया गया तो वार्डन की शामत आ गई। जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वो ज्योति शर्मा नही बल्कि जुबैन बी पति मोइनुद्दीन शेख निवासी ग्रीन पार्क कालोनी है। उसने बताया कि पहचान बदलने के लिए उसने नकली आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज तैयार किये ताकि उसे नौकरी मिल जाये और कारगुजारियों के खुलासे के पहले ही वह रफूचक्कर हो जाये लोग उसे ढूंढते रह जाये। बतौर हॉस्टल वार्डन जुबैन बी ने अपनी बेटी नंदिनी उर्फ अजीम शेख, अपने पति सनी उर्फ मोइनुद्दीन, दामाद राहुल टोंगर के खातों में अवैध कमाई को जमा कराया और इसी से ये सभी ऐश करते थे।
