विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित कॉमन एंट्रेंस टेस्ट की परीक्षा में एक और बड़ा बखेड़ा उस समय खड़ा हुआ जब भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के जिला अध्यक्ष अपने कार्यकर्ताओं के साथ इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय बाहर बनाए गए सेंटर का विरोध करने पहुंचे हंगामा इतना बड़ा के कुलपति प्रोफेसर रेनू जैन को अपना ऑफिस छोड़कर जाना पड़ा हंगामे की जानकारी मिलते ही नजदीकी थाने का पुलिस बल भी विश्वविद्यालय आ पहुंचा…
विश्वविद्यालय में होने वाली प्रवेश प्रक्रिया सीईटी पिछले काफी सालों से विवादों में गिरी हुई है साल 2021 में आयोजित की गई कॉमन एंट्रेंस की परीक्षा में भी विश्वविद्यालय द्वारा बनाए गए परीक्षा सेंटरों का विरोध पिछले कई दिनों से चला रहा है कार्य परिषद के पूर्व सदस्य द्वारा लिखित में कुलपति को इस बात के लिए कहा गया कि इंदौर के छात्र भोपाल ग्वालियर और अन्य शहरों में ना जाएंगे कोरोना प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए उन 7000 बच्चों को इंदौर में ही परीक्षा देने के लिए लिखित आवेदन किया गया विश्वविद्यालय में ही बने कॉन्फ्रेंस हॉल में छात्र संघ और अन्य नेता जा पहुंचे पुलिस की मौजूदगी में जमकर हंगामा हुआ और बातों के दौरान एक छात्र नेता ने प्रबंधन के लोगों का मुंह काला करने की धमकी तक दे डाली साथ ही सेंटर बदलने को लेकर जरूरत पड़ने पर रुपए देने की बात भी मीडिया के सामने कहीं आपको यह भी बता दें कि सीईटी मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी ट्वीट करते हुए छात्रों के सेंटर 12 बनाए जाने का विरोध किया है… सीईटी के चल रहे इस विरोध प्रदर्शन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भी विश्वविद्यालय आ पहुंची और अपनी मांग कुलपति और अन्य लोगों के सामने रखते हुए बाहर बनाए गए सेंटर का विरोध साथ ही परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाने की बात भी कुलपति से कहती दिखाई दी चल रहे विरोध प्रदर्शन में उस वक्त पुलिस की मौजूदगी बढ़ गई जब एनएसयूआई और एबीवीपी दोनों ही संगठनों के लोग विश्वविद्यालय कैंपस में आ पहुंचे… लगभग 4 घण्टे चले इस हंगामे के बाद छात्र संघ की मांग पर सीईटी के ज़िम्मेदारो को कुलपति ने आरएनटी मार्ग अपने कार्यलय पर बुलाया और एक घण्टे से अधिक चली बेठक के बाद ये निर्णय लिया के छात्र संघटन द्वारा की गई मांग को लेकर देर शाम हुई बैठक के बाद भी कोई नतीजा नही
बाइट – फ्रोफेसर रेणु केन कुलपति – डीएवीवी
