इन्दौर में निगम द्वारा वाटर सप्लाई के कार्य को लेकर शहर की चार बड़ी पानी की टंकियों का काम निजी कंपनी को 75 लाख रुपए के ठेके में दिए जाने को लेकर प्रदर्शन कर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा गया है निगमायुक्त द्वारा जांच कराने का आश्वासन दिया गया है…।
इंदौर सहित प्रदेश में निजी व सरकारी संस्थान कोरोना महामारी के दौर में पूरी तरह से आर्थिक स्थिति खराब बनी हुई है उसके बावजूद भी निगम द्वारा लाखों करोड़ों रुपए के टेंडर निकाल कर निजी ठेकेदारों को शहर में निर्माण कार्य किये जा रहे है और यह सभी कार्य शहर वासियों के द्वारा जो निगम को जल मकान कचरा की सुविधा उपलब्ध कराने से जो कर दिया जाता है उसी राशि से यह कार्य किए जाते हैं इन सभी निर्माण कार्यों को लेकर कांग्रेस कमेटी द्वारा निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा प्रदर्शन किया है कांग्रेस कमेटी के संजय बाकलीवाल का कहना है कि शहर में वाटर सप्लाई के लिए 4 टंकियां बनाई गई हैं जिन्हें राम जी नामक निजी कंपनी को 75 लाख रुपयों के ठेके पर दी गई है लेकिन यदि वाटर सप्लाई में कोई दिक्कत आती है तो शहर वासी किसके पास अपनी समस्या लेकर जाएंगे जो भी शहर में कई कार्य निजी कंपनियों द्वारा किए जा रहे हैं और वह भी अधूरे पड़े हुए हैं उन्हें तो पूरा अभी तक नहीं किया गया है और पहले से ही महामारी के दौर में निगम काफी खराब आर्थिक स्थिति से जूझ रहा है उसके बावजूद भी लाखों रुपए के टेंडर निजी कंपनियों को दिए जाने की क्या आवश्यकता थी यहां तक की निगम पूरी तरह से मनमानी कर रहा है किसी भी जनप्रतिनिधि या पूर्व पार्षदों को किसी भी निर्माण कार्य के बारे मे निगम अधिकारियों द्वारा नही बताया जा रहा है…।
