कही विसर्जन के वक्त हम प्रकृति और परमात्मा का अपमान तो नहीं कर रहे ?

By Abhishek Raghuvanshi
1 Min Read

प्रथम पूज्य गणेश की आराधना हमे शक्ति और समृद्धि देती है बप्पा बुद्धि के देवता हैं। वे ही हमे अच्छे और बुरे का विवेक देते हैं हम हर साल गणेश उत्सव बड़ी धूम धाम से मनाते हैं पर विसर्जन के वक्त प्रकृति और परमात्मा का अपमान भी अनचाहे करते हैं जब जलस्रोत में भगवान की खंडित प्रतिमा महीनों पड़ी रहती और जल स्तोत्रं गन्दे हो जाते हैं तब हमारी संस्कृति का अपमान होता है इसी से बचने के लिए हमे इको फ्रेंडली गणेश स्थापित करने चाहीये और उनका विसर्जन भी घर में करना चाहिए उक्त उदगार स्वप्निल व्यास ने संस्था मालवमंथन द्वारा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, राजेन्द्र नगर इंदौर में आयोजित विसर्जन से सृजन कार्यक्रम में व्यक्त किए जहां स्कूल की बालिकाओं द्वारा इको फ्रेंडली गणेश बनाए गए एवं उनमे अंदर छोटे पौधों के बीज भी डाले गए ता की विसर्जन के बाद नया सृजन हो सके कार्यशाला की शुरूआत विद्यालय की प्रचार्य श्रीमती अनिता चौहान ने गणेश पूजन कर की कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षक गण उपस्थित थे।

Exit mobile version