मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भले ही कोरोना मरीजो का ग्राफ 50 के अंदर आ रहा लेकिन अन्य जिलों में मिले डेल्टा न्युट्रान वायरस शासन प्रशासन सहित स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बनी हुई है साथ ही शासकीय सेवाओं का लाभ लेने वाले शहरवासियों को वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र की पूछताछ के लिए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं
बता दे प्रदेश के अन्य कई जिलों में डेल्टा प्लस न्युट्रान वायरस की पुष्टि होने के बाद इंदौर शहर में भी सर्तकता बड़ी हुई है वैक्सीनेशन महा अभियान के साथ जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग कोरोना पॉजिटिव मरीजों को लेकर पूरी गाइडलाइन का पालन कराया जा रहा है कलेक्टर मनीष सिंह का कहना है कि अभी फिलहाल भले ही कम मरीज सामने आ रहे हैं लेकिन जो भी मरीज सामने आ रहे हैं उन्हें बाकायदा को भी टेस्ट सेंटर में शिफ्ट किया जा रहा है और उनके संपर्क में आने वाले अन्य लोगों व उनके घरों के क्षेत्र को 7 दिनों सील भी किया जा रहा है ताकि जो भी मरीज के संपर्क में आया हो वह उस वायरस को ना फैला सके क्योंकि खुले शहर मैं यह वायरस तेजी से फैलने की संभावना है और पूरी सतर्कता के साथ सुरक्षा मुहैया कराने के लिए ही गाइडलाइन का पालन कराया जा रहा है
इसी के साथ वैक्सीनेशन महा अभियान के तहत शहर वासियों को बड़ी तादाद में वैक्सीनेशन किया जा रहा है और कई स्थानों पर वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है जैसे खजराना गणेश मंदिर अन्य कई स्थान हैं जहां पर प्रमाण पत्र होने पर ही आप प्रवेश पा सकते हैं कलेक्टर द्वारा शहरी क्षेत्र के साथ जिला पंचायत जनपद पंचायत सहित एच ओ डी को साफ तौर पर निर्देश दिए हैं कि शासकीय कार्यालयों में पहुंचने वाले लोगों से वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र के विषय में चर्चा की जाए और उन्होंने वैक्सीन नहीं लगाई है तो उन्हें वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित किया जाए इसी के साथ जल्द ही शराब की दुकानों पर शराब लेने जाने वाले लोगों को भी वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र अनिवार्य कराने जाने की कवायद भी तेज की जाएगी ताकि इंदौर जिला पूरी तरह से 100% वैक्सीनेशन हो सके
