CDS रावत के निधन पर विदेशी मीडिया का रिएक्शन:कहा- भारत को लगे झटके की भरपाई करना आसान नहीं; चीन, ब्रिटेन, रूस समेत कई देशों ने दी श्रद्धांजलि

By Abhishek Raghuvanshi
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भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल रावत की मौत पर दुनियाभर के मीडिया ने कवरेज की है। वहीं, कई देशों के नेताओं और सेना प्रमुख ने दुख जाहिर किया है।

डॉन में कश्मीर और चीन सीमा पर तैनाती का जिक्र
पाकिस्तान के अखबार डॉन ने जनरल रावत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दोस्त बताते हुए लिखा कि दो वरिष्ठ जनरलों पर तरजीह देकर उन्हें भारतीय सेना का प्रमुख बनाया गया। जनरल रावत ने कश्मीर और चीन सीमा पर लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर इडियन आर्मी का नेतृत्व किया।

जनरल की तारीफ करते हुए अखबार ने लिखा- रावत को भारत की पूर्वोत्तर सीमाओं पर विद्रोह को नियंत्रित करने का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने पड़ोसी देश म्यांमार में अलगाववादियों के खिलाफ मिलिट्री ऑपरेशन का नेतृत्व भी किया।

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट – जनरल की मौत को इंडियन आर्मी के लिए झटका
हांगकांग के प्रमुख अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने लिखा है कि, “भारत अपने टॉप जनरल बिपिन रावत की मौत का गम मना रहा है। उनके जाने का इडियन आर्मी पर क्या असर होगा? देश के टॉप जनरल को खुद प्रधानमंत्री ने चुना था और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बनाया था। हेलिकॉप्टर हादसे मे उनकी मौत ऐसे मुश्किल समय हुई है जब भारत चीन के बीच सीमा पर तनाव बढ़ा हुआ है।”

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रावत की मौत को भारतीय सेना के लिए झटका बताते हुए अखबार ने कहा, “इस हादसे से मोदी सरकार को भी गहरा झटका लगा है। सरकार और रावत के बीच भरोसे का रिश्ता था। भारत ने 2017 में डोकलाम में और बीते साल लद्दाख में चीन को जैसी प्रतिक्रिया दी उनकी मौत के बाद चीन की किसी हरकत पर भारत ऐसा जवाब देने के लिए कमजोर स्थिति में होगा।”

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और जनरल रावत के नजदीकी रिश्तों का जिक्र करते हुए अखबार ने कहा, “पाकिस्तान के भीतर एयरफोर्स और स्पेशल फोर्सेज की स्ट्राइक में दोनों ने अच्छा कोआर्डिनेशन किया था।”

BBC ने कहा- प्रेरित करने वाले सैन्य कमांडर थे जनरल रावत
ब्रिटेन के मीडिया संस्थान BBC ने जनरल रावत को प्रेरित करने वाला सैन्य कमांडर बताते हुए लिखा है कि 63 साल के जनरल रावत की छवि एक सख्त सैनिक और प्रेरक सैन्य कमांडर की थी। BBC लिखता है कि कई बार उन्होंने ऐसी टिप्पणियां भी कि जिन पर राजनीतिक विवाद भी हुए। BBC ने अपनी रिपोर्ट में अमेरिका के कंसास में मौजूद आर्मी कमांड एंड जनरल स्टाफ कॉलेज में हुई उनकी ट्रेनिंग का भी जिक्र किया है।

BBC की रिपोर्ट कहती है, “1980 के दशक में रावत ने आर्मी में कर्नल की हैसियत से अरुणाचल प्रदेश में चीन की सीमा पर टकराव की स्थिति में अपनी बटालियन का नेतृत्व किया।” जनरल रावत ने साल 2015 में म्यांमार के भीतर इंडियन आर्मी के पैराट्रूपर भेजे थे और अलगाववादियों के खिलाफ अभियान चलाया था। ये विदेशी जमीन पर भारतीय सैनिकों का पहला अभियान था।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा- जनरल ने आर्मी में महत्वपूर्ण बदलाव किए
न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि हेलिकॉप्टर हादसे में मारे गए जनरल रावत ने बदलाव के लिए संघर्ष कर रहे इंडियन आर्मी का कायापलट किया था। अखबार लिखता है, ” इंडियन आर्मी की अलग-अलग ब्रान्च के बीच कोआर्डिनेशन के जिम्मेदार भारत के CDS जनरल रावत की मौत ऐसे मुश्किल समय में हुई है जब भारत की सेना दो सीमाओं पर खतरों का सामना कर रही है और देश की सुस्त होती अर्थव्यवस्था का असर भी झेल रही है।”

अखबार लिखता है कि भारत के प्रतिद्वंदी पाकिस्तान के साथ-साथ चीन के साथ टकराव और तनाव के मद्देनजर करीब 10 हजार भारतीय सैनिक हिमालय की ऊंची चोटियों पर तैनात हैं। ये दूसरी सर्दियां है जब भारत के सैनिक इतनी बड़ी संख्या में यहां तैनात किए गए हैं।

अल जजीरा में पाकिस्तानी सेना प्रमुख की श्रद्धांजलि का जिक्र
अंतरराष्ट्रीय ब्रॉडकास्टर अल जजीरा ने अपनी रिपोर्ट में रावत की मौत पर पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा की तरफ से आई श्रद्धांजलि का जिक्र किया है। अल जजीरा ने लिखा है कि जनरल रावत को भारत के PM नरेंद्र मोदी का भरोसा प्राप्त था और वो उनके बेहद करीबी थे।

अल-जजीरा ने एक्सपर्ट्स के हवाले से लिखा है कि रावत ने इडियन आर्मी को मॉडर्न बनाने के लिए जो पहल की थी उस पर अब विराम लग सकता है। रावत को भारत की सेना के तीनों हिस्सों- आर्मी, एयरफोर्स और नेवी के बीच को- ऑर्डिनेशन की जिम्मेदारी दी गई थी।

अमेरिकी दूतावास ने मौत पर दुख जताया
भारत में अमेरिकी दूतावास ने उनकी मौत पर दुख जताते हुए कहा है कि भारत के चीफ आफ डिफेंस स्टाफ के तौर पर उन्होंने भारतीय सेना के इतिहास में बदलाव के दौर का नेतृत्व किया। दूतावास ने अपने बयान में कहा कि रावत अमेरिका के मजबूत दोस्त और सहयोगी थे और उन्होंने अमेरिका और भारत के बीच सैन्य सहयोग बढ़े पैमाने पर बढ़ाया।

चीन के राजदूत ने दी श्रद्धांजलि

भारत में चीन के राजदूत सुन वीडोंग ने भी उनकी मौत पर गहरा दुख जाहिर करते हुए कहा- मेरी संवेदनाएं जनरल रावत के परिवार के सभी सदस्यों के साथ हैं।

ब्रिटेन ने कहा- बहादुर सैनिक की मौत
ब्रिटेन के राजदूत एलेक्स एलिस ने जनरल रावत की मौत पर दुख जाहिर करते हुए उन्हें एक बहादुर सैनिक और समझदार व्यक्ति के तौर पर याद किया।

रूस ने अपना एक बेहद करीबी मित्र खोया

रूस के राजदूत निकोले कुदाशेव ने उनकी मौत पर दुख जाहिर करते हुए कहा कि भारत ने अपना महान देशभक्त खो दिया है। कुदाशेव ने कहा कि रूस ने अपना एक बेहद करीबी मित्र खो दिया है जिसने हमारे द्वीपक्षीय रिश्तों और खास स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप को हमेशा बढ़ावा दिया।

ऑस्ट्रेलिया ने कहा- जनरल रावत एक महान मिलिट्री लीडर
भारत में ऑस्ट्रेलिया के हाई कमीश्नर और फ्रांस के दूत ने भी जनरल रावत की मौत पर गहरा दुख जाहिर किया है। फ्रांस ने अपने बयान में कहा, हम जनरल रावत को एक महान मिलिट्री लीडर और भारत-फ्रांस सैन्य रिश्तों के ध्वजवाहक के तौर याद करेंगे।

इजराइल के लोग भारत के दुख में शामिल

इजराइल के राजदूत नाओर गिलोन ने रावत की मौत पर दुख जाहिर करते हुए कहा कि इजराइल के लोग भारत के इस दुख में शामिल हैं। वहीं, भूटान के राष्ट्रध्यक्ष लोटे शेरिंग और नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने भी जनरल रावत की मौत पर गहरा दुख जाहिर किया है।

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