19 लाख के लिए हुआ व्यवसायी का अपहरण,पूर्व विधायक के रिश्तेदार सहित 4 गिरफ्तार

By Abhishek Raghuvanshi
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63 वर्षीय सिकंदर सचदेवा के अपहरण की गुत्थ सुलझ गई है। पुलिस ने पूर्व विधायक मुकामसिंह किराड़े के रिश्तेदार सुखराम कनेस सहित चार अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है। सचदेवा से शराब के 19 लाख रुपये का लेनदेन था। आरोपितों ने महेश्वर के शराब तस्कर राजू सुपारी के जरिए ढाबे पर बुलाया और धार क्राइम ब्रांच के अफसर बनकर अगवा कर लिया। पुलिस का दावा है अपहर्ता भी शराब तस्करी में लिप्त है और अवैध शराब के सिलसिले में इंदौर आए थे।

एसपी(पूर्वी) आशुतोष बागरी के मुताबिक द्वारका(दिल्ली) निवासी सिकंदर सचदेवा का सोमवार शाम 5 बजे सफेद रंग की कार(स्कॉर्पियो) में आए बदमाशों ने उस वक्त अपहरण कर लिया था जब वो परिचित सुरेश उर्फ राजू आनंद के साथ सांवेर रोड़ स्थित दीपमाला ढाबा पर बैठे हुए थे। बदमाशों ने खुद को क्राइम ब्रांच(धार) का अफसर बताया और सचदेवा को कुक्षी ले जाकर होटल प्रिंस में बंधक बना लिया

आरोपित फिरौती की मांग करते इसके पहले क्राइम ब्रांच और बाणगंगा थाना पुलिस के दल ने छापा मारकर सचदेवा को मुक्त करवा लिया। पुलिस ने सुखराम पुत्र बसंत कनेस निवासी खरखड़ी बड़ी अलीराजपुर,दिग्विजय पुत्र मोहन रावत निवासी बड़ी जिला अलीराजपुर,दिनेश पुत्र रतनलाल अलावा निवासी रोजा कुशी और करण पुत्र मगनसिंह अलावा निवासी रोजा कुक्षी जिला अलीराजपुर को गिरफ्तार कर लिया
सुखराम पूर्व विधायक मुकामसिंह किराड़े का रिश्तेदार है और सचदेवा से उसको 19 लाख रुपये लेने थे। सूत्रों के मुताबिक रुपये मुकामसिंह के ही थे जो चार साल पूर्व शराब व्यवसाय के लिए सचदेवा के बेटे चेतन को दिए थे। हालांकि मुकाम की अपहरण में भूमिका नहीं मिली है। पुलिस ने उनकी लोकेशन निकाली तो महाराष्ट्र की मिली।
20 सीसीटीवी कैमरे और मोबाइल लोकेशन से जुड़ी कड़ियां

एएसपी(पूर्वी) शशिकांत कनकने के मुताबिक सचदेवा के बेटे चेतन ने फोन पर बताया पिता बायो डीजल के व्यवसाय के सिलसिले में इंदौर आए थे। एक व्यवसायी फोन पर संपर्क में था और वह ढाबे पर नमूने लेने आने वाला था। राजू आनंद(प्रत्यक्षदर्शी) ने पुलिस को बताया आरोपित सफेद रंग की कार से आए थे। पुलिस ने दूध डेयरी के सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो धार पासिंग कार दिखाई दी। टीआइ राजेंद्र सोनी ने तत्काल तीन टीमें बनाई और घाटा बिल्लौद,किशनगंज व मनावर को टोलनाकों के फुटेज निकाल लिए।
क्राइम ब्रांच ने सचदेवा के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली तो राजू सुपारी के नंबर मिलें जो उनसे सतत संपर्क में था। राजू की सुखराम के साथी हुकुम से भी बात हो रही थी। जब हुकुम की लोकेशन निकाली तो घटना स्थल की आ गई। इससे शक पुख्ता हो गया और कुक्षी में छापे मारने शुरु कर दिए। मंगलवार देर रात पुलिस ने चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सुखराम ने बताया अपहरण में उसके साथ दिग्विजय,अनिल उर्फ कालिया,मनीष राठौर,हुकुम राठौर व दो अन्य आए थे। आरोपित दिनेश और करण को होटल में बंद सचदेवा के पहरे पर लगाया था।
शराब व्यवसायी से जुड़े है अपहर्ता सचदेवा

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पुलिस ने सचदेवा से पूछताछ की तो बताया वह मूलत: इंदौर के ही रहने वाले है। बेटा चेतन एनसीआर में शराब व्यवसाय करता है। दूसरा बेटा अमर को भी आबकारी विभाग ने बदनावर में अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया था और कुछ समय पूर्व ही जेल से छुटा है। सुखराम शराब कारोबारी भाटिया से जुड़ा है।

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