हनीट्रैप मामले मे नया मोड़ : हरभजन सिंह, सहित पूर्व मे मंत्रीओ के OSD रहे कुल 8 लोगो को हाई कोर्ट ने जारी किए नोटिस, कहा- क्यों आपको भी आरोपी बनाया जाए

By Abhishek Raghuvanshi
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मध्यप्रदेश की राजनीति और नौकरशाहों में भूचाल मचाने वाले बहुचर्चित हनीट्रैप मामले में नया मोड़ आया है। इसी मामले से जुड़े मानव तस्करी मामले में भोपाल में चल रहे केस में एक पीड़ित युवती का शोषण करने के कथन के बाद जिन 8 लोगों के नाम सामने आए थे उन्हें भी आरोपी बनाने की याचिका हाई कोर्ट मे लगाई गई थी। जिस पर हाई कोर्ट के अधिवक्ता मानस मनी वर्मा की याचिका पर जस्टिस अंजुली पालो ने पीड़ित युवती मोनिका यादव द्वारा कोर्ट के बयान में जिन लोगो के नाम बताए थे उन्हें आरोपी बनाए जाने के संबंध में नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए है। जिन व्यक्तियों के खिलाफ नोटिस जारी किए गए हैं उनमें हरभजन सिंह, श्वेता स्वप्निल जैन, स्वप्निल जैन सहित पूर्व में मंत्रीओं के OSD रहे कुल 8 लोग शामिल है।

मोनिका के पिता ने दर्ज करया था मानव तस्करी का मामला

मोनिका यादव के पिता ने पलासिया थाने में बेटी की मानव तस्करी का मामला दर्ज कराया था। इसमें आरती दयाल, श्वेता जैन, अभिषेक समेत 4 लोगों को आरोपी बनाया गया था। मोनिका यादव ने मुख्य परीक्षण के दौरान दिए अपने बयान में 11 लोगों के नाम बताए थे। मोनिका द्वारा दिए गए बयानों को आधार बनाकर हनीट्रैप की एक अन्य आरोपी आरती दयाल हाईकोर्ट में याचिका लगा कर मांग की थी कि मोनिका की तरफ से मुख्य परीक्षण के दौरान लिए गए सभी नामों को उसी तरह आरोपी बनाया जाए जिस तरह उस जैसे तीन अन्य लोगों को बनाया गया है। इसी मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नोटिस जारी किया है।

एसआईटी का गठन, तीन बार बदले प्रमुख

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हनीट्रैप केस में नेताओं और अफसरों के नाम सामने आए थे। तत्कालीन डीजीपी वीके सिंह ने इसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। लेकिन नौ दिनों के अंदर ही इस टीम के प्रमुख को तीन बार बदल दिया गया था। सबसे पहले एसआईटी की जिम्मेदारी 1997 बैच के आईपीएस डी श्रीनिवास वर्मा को दी गई। लेकिन 24 घंटे के अंदर ही उन्हे हटाकर एडीजी संजीव शमी को इसका प्रमुख बना दिया गया। कुछ दिनों बाद संजीव शमी को हटाकर राजेंद्र कुमार को एसआईटी जांच की कमान सौंपी गई थी।

इंदौर नगर निगम के इंजीनियर ने दर्ज कराया था केस

इंदौर नगर निगम में कार्यरत इंजीनियर हरभजन सिंह ने 17 सितंबर 2019 को पलासिया थाने में खुद को ब्लैकमेल किए जाने की एफआईआर दर्ज कराई थी। हरभजन सिंह का आरोप है कि 29 वर्षीय आरती दयाल उन्हें अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रही है। और बदले में तीन करोड़ रुपए की मांग कर रही है। पुलिस द्वारा मामले की जांच प्रारंभ की गई तो पता चला कि युवतियों का एक समुह है जिन्होंने कई राजनेताओं, नौकरशाहों और रसूखदारों के अश्लील वीडियो बनाए हैं। जिन्हें सार्वजनिक करने की धमकियों के एवज में जबरन वसूली की जा रही है। मामले में पुलिस ने भोपाल की संदिग्ध मास्टरमाइंड श्वेता स्वप्निल जैन, श्वेता विजय जैन, आरती दयाल, बरखा भटनागर सोनी, मोनिका यादव और एक पुरुष को गिरफ्तार किया था।

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