सीडीएस के हेलीकॉप्टर का क्रैश होना मामूली बात नही है। सही जांच की जरूरत तो है ही जनरल रावत से जुड़ी तात्कालिक घटनाओं को भी देखना होगा।
गजब का संयोग है। सीडीएस बिपिन रावत भारत की जमीन और चीनी कब्जे को लेकर पेंटागन की रिपोर्ट को नकार देते हैं, जबकि तमाम सुबूत और सैटेलाइट इमेज हकीकत सच को बयाँ कर रहे होते हैं।
डेढ़ लाख सैनिकों को सीमा पर तैनात कर यूक्रेन पर हमले की तैयारी कर रहे रूस के राष्ट्रपति अचानक हिंदुस्तान पहुंचते हैं। डिफेंस मिनिस्टर के साथ द्विपक्षीय बातचीत में बिपिन रावत भी होते हैं। रूस के साथ समझौतों के महज 24 घण्टे बीते हैं। पुतिन के लौटने के कुछ घण्टों बाद सीडीएस का जहाज क्रैश हो जाता है।
अमेरिका साफ साफ कहता है कि अगर रूस युक्रेन के ख़िलाफ़ कोई मिसएडवेंचर करता है तो हम यूक्रेन के साथ खड़े हो जाएंगें। उधर रावत भारत सरकार की लाइन से अलग कहते हैं हमारा दुश्मन नम्बर एक चीन है पाकिस्तान नही।
कुछ घण्टों पहले ही बिपिन रावत कहते हैं कि यह कोरोना महामारी जैविक युद्ध में बदल सकती है। ऐसी स्थिति में सभी देशों को इसका मुकाबला करने के लिए तैयार रहना चाहिए और कुछ ही घण्टों बाद उनका जहाज क्रैश हो जाता है।
