इंदौर विजय नगर पुलिस ने नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले में गुजरात से एक और युवक को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए नकली लेबल बना कर देता था । आरोपी ने पूछताछ में अन्य चार आरोपियों के भी नाम बताए हैं, जो उसे यह लेबल देते थे। पुलिस अब उनकी भी तलाश कर रही है।
इंदौर पुलिस ने नकली रेमडेसिविर बनाकर उसे बेचकर लोगों के जीवन को ख़तरे में डालने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। इसी कड़ी में थाना विजयनगर की टीम ने मामले में फरार चल रहे नागूजी उर्फ नागेश मोरे निवासी जिला वलसाड (गुजरात) को गिरफ्तार किया है । आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया । विजय नगर पुलिस ने नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन इंदौर में सप्लाई करने वाले सुनील मिश्रा को गिरफ्तार किया था। उसने बताया था कि ये नकली इंजेक्शन सूरत गुजरात में बनाए जाते है। इस पर इंजेक्शन बनाने की फैक्ट्री पर गुजरात पुलिस ने छापा मारकर इंजेक्शन बनाने वाले पुनीत शाह और कौशल बोहरा को गिरफ्तार किया था । इन दोनो को प्रोडक्शन वारंट पर पुलिस इंदौर लाई थी। इन तीनों सहित इस मामले में पुलिस 22 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
गौरतलब है कि आरोपी नागूजी ने पूछताछ में बताया कि उसने बीस हज़ार रुपय में नकली इंजेक्शन पर लगने वाले लेबल आरोपियों को दिए थे। ये लेबल उसे मोहन गिरी, राजू कठेरिया, रणजीत प्रजापति, किशोर निवासी सूरत ने बनाकर दिए थे। इस मामले में इन चारों को भी आरोपी बनाया गया। इनकी भी गिरफ्तारी पुलिस करेंगी।
