इंदौर में लाउडस्पीकर को लेकर लंबे समय से नगर निगम को मिल रही शिकायतों के बाद प्रभारी कलेक्टर को नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल ने ठेले और गुमटी में लाउडस्पीकर लगाकर सामान बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है,
जिसको लेकर नगर निगम द्वारा इस मामले में लगातार ठेले वालों को समझाइश भी दी जा रही है, वही नगर निगम आयुक्त द्वारा लिए गए फैसले को लेकर विरोध का दौर शुरू हो गया है, इस प्रतिबंध को लेकर कांग्रेस द्वारा आरोप लगाया गया है कि भाजपा के शासनकाल में अधिकारी केवल गरीबों को दबाने और उनका रोजगार छीनने का काम कर रहे हैं। जीतू पटवारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सोच गरीबों को मिटाना और उनकी सोच है सबसे निचले और सबसे गरीब तबके के लोगों के खिलाफ सरकार खड़ी रहे, और बेरोजगारी की स्थिति पूरे देश में बन रही है और इंदौर शहर में भी जिस तरीके से गरीबों को यातनाएं दी जा रही हैं उसके विरोध में कांग्रेस खड़ी है। वही लाउडस्पीकर को लेकर इंदौर के प्रभारी कलेक्टर को नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल का कहना है कि लाउडस्पीकर से परेशान होकर कई व्यापारिक संगठन और रहवासी संघ द्वारा शिकायतें मिल रही हैं और ठेले पर इस तरह से व्यापार करने की परंपरा कभी भी नहीं रही है, और हमेशा से ही आवाज लगाकर सामान बेचने की एक विधिवत परंपरा चली आ रही है, लेकिन जिस तरीके से ठेले और गुमटियों पर लाउडस्पीकर का इस्तेमाल कर व्यापार किया जा रहा है, उसमें कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है और और मुख्य बाजारों में इस तरह लाउडस्पीकर के माध्यम से व्यापार करना सरासर गलत परंपरा है। इसलिए लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
