भोपाल कमला नेहरु अस्पताल में भीषण आग से हुए बच्चों के हादसे पर म.प्र. मानव अधिकार आयोग ने लिया संज्ञान

By Abhishek Raghuvanshi
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आयोग ने मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक से दो सप्ताह में मांगा जवाब

आयोग ने कहा – जांच एक सप्ताह मे करवाकर तुरंत जांच रिर्पोट भेजें

बीते सोमवार की रात भोपाल के हमीदिया अस्पताल परिसर के कमला नेहरु अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित पीआईसीयू में शाॅर्ट-सर्किट से ब्लास्ट हुआ और भीषण आग लग गई। हादसे में चार बच्चों की मौत हो गई। इस हादसे में कई बच्चों के झुलसने की भी खबर हैं। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिये हैं।

*इस गंभीर मामले में संज्ञान लेते हुये मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री नरेन्द्र कुमार जैन ने मुख्य सचिव, म.प्र. शासन, अपर मुख्य सचिव, म.प्र. शासन, स्वास्थ्य विभाग तथा हमीदिया अस्पताल, भोपाल के अधीक्षक से दो सप्ताह में जवाब मांगा है।

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आयोग अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री जैन ने इन अधिकारियों को निर्देशित किया है कि घटना की जांच एक सप्ताह में करवाकर तुरंत जांच रिपोर्ट भेजें। साथ भी इन अधिकारियों से यह भी पूछा है कि शाॅर्ट-सर्किट के बारे में क्या सावधानियां रखी हुई हैं ? विगत जुलाई माह में भी इसी वार्ड में आग लगने के बाद क्या विशेष व्यवस्थाएं की गईं हैं ? यहां बिजली के तार (इलेक्ट्रीसिटी लाईन) एवं उपकरण (इन्स्ट्रूमेंट) कितने साल पुराने हैं ? इनकी देखभाल के लिये कौन जिम्मेदार हैं ?
एस एस न्यूज इस मामले में घटना के तत्काल बाद मौके पर पहुंचे मंत्री विश्वास सारंग द्वारा बच्चो के पूरी तरह सुरक्षित होने के पहले ही रेस्क्यू में लगे अधिकारियों को डिस्टर्ब कर मीडिया के सामने 36 बच्चो को सुरक्षित बचाने की बयान बाजी कर इसे शार्ट सर्किट से हुआ हादसा बताने के मामले की जांच की मांग करता है।
उल्लेखनीय है की मध्यप्रदेश में बेलगाम हो चुके प्रशासनिक अधिकारी मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ,मध्यप्रदेश लोकायुक्त संगठन आदि न्यायिक संस्थाओं को कुछ नही समझते है।हाल ही में शाजापुर में मक्सी में हुए ऑनर किलिंग के प्रयास के मामले में प्रताड़ित फरियादी के खिलाफ भी गंभीर धाराओं में एफ आई दर्ज करने के मामले में एस पी शाजापुर पंकज श्रीवास्तव से दो सप्ताह में जवाब देने के आयोग के निर्देश को सिर्फ हवा में उड़ा दिया वरन मीडिया के सामने आयोग का मखौल तक उड़ाया।मध्यप्रदेश लोकायुक्त द्वारा यश एयरवेज मामले ने हुए भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग मामले में नामजद दर्ज एफ आई आर में आरोपी अधिकांश आई ए एस अधिकारी मध्यप्रदेश के बड़े जिलों में कलेक्टर या अत्यंत महत्वपूर्ण पदों पर आसीन हो “सय्या भए कोतवाल तो फिर डर कहे का “गाते हुए खुलेआम भ्रष्टाचार कर कानून का मुंह चिढ़ा रहे है।इस मामले के एक मुख्य आरोपी कविंद्र कियावत जिन्हे हाईकोर्ट ने स्पष्ट रूप से आरोपी माना है को रिटायर होने के बाद फिर से बड़े कमाई के पद पर प्रतिनियुक्ति पर भेजा जा रहा है।

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