मध्य प्रदेश सरकार के आदेश के बाद भू माफियाओं के विरुद्ध लगातार कार्रवाई जारी है। अब भू माफियाओं से प्रताड़ित शहरवासी भी पुलिस के पास शिकायत करने पहुंच रहे हैं। इसी तरह की एक शिकायत मंगलवार को इंदौर डीआईजी मनीष कपूरिया के पास पहुंची, जहां मनीष कपूरिया द्वारा पीड़ितों को आश्वासन देते हुए,उचित कार्रवाई करने की बात कही गई।
मंगलवार को इंदौर के डीआईजी कार्यालय पर पीड़ित पहुंचे जिन्होंने आरोप लगाया कि सुमेर बिल्डर द्वारा उनके साथ छल पूर्वक फ्लेट के नाम पर अनुबंध किया गया। उसके बाद प्रोजेक्ट का नाम बदल कर डी औरनेट कर दिया गया। पीड़ित द्वारा आरोप लगाए गए हैं कि बिल्डर्स द्वारा अनुबंधित फ्लैटों को भी बिल्डर अब अन्य व्यक्तियों के नाम से बेच रहे हैं। पीड़ित सुदर्शन जटाले ने बताया उनके द्वारा 1 मार्च 2012 के अनुबंध में लिखित में यह आश्वासन दिया गया था कि 24 माह बाद यानी 2014 तक फ्लैट का कब्जा दे दिया जाएगा, लेकिन आश्वासन के बावजूद उनसे करीबन 20,00,000 रुपए लेने के बावजूद कब्जा नहीं दिया गया। जटाले ने बताया कि बिल्डर रमेश चंद्र शाह और नरेंद्र गोरानी द्वारा सुमेर सेफ्रॉन टाउनशिप बनाने का प्रोजेक्ट लांच किया गया था जिसमें कई व्यक्तियों द्वारा पैसा इन्वेस्ट करते हुए अनुबंध करवाया गया था। जिनके कागजात भी उन सभी के पास है लेकिन आज तक उन्हें कब्जा नहीं दिया गया। वही पीड़ितों को कई सालों से कब्जा देने की बात कर बरगला कर भेज दिया जाता है जिसकी शिकायत करने वह पीड़ित इंदौर डीआईजी मनीष कपूरिया के समक्ष पहुंचे थे।
