इंदौर नगरपालिका निगम सीमा के भीतर चलने वाले प्लास्टिक उत्पाद निर्माताओं को जल्द ही उपभोक्ता उत्पाद, संग्रह और निपटान सुनिश्चित करना होगा या फिर इसके लिए उन्हें एक निश्चित राशि का भुगतान करना होगा…दरअसल नगर निगम ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के लिए एक नई कवायद शुरू कर दी है ।
इंदौर नगर निगम प्लास्टिक निर्माताओं की नई जिम्मेदारी तय करने जा रहा है…इस नई नीति के क्रियान्वयन के लिए नगर निगम ने रणनीति भी तैयार कर ली है।नई नीति के तहत सभी प्लास्टिक निर्माताओं और उत्पादकों को वेस्ट मटेरियल के प्रति न सिर्फ जवाबदार बनाया जाएगा… बल्कि इसके लिए उनसे निर्धारित शुल्क भी वसूला जाएगा… नगर निगम की इस योजना के पीछे की मंशा प्लास्टिक कचरे के निपटान से जुड़ी है। यदि निर्माता प्लास्टिक वेस्ट के निपटान का सिस्टम स्थापित करने में सक्षम नहीं हैं, तो उन्हें निर्माता जिम्मेदारी संगठन यानी पीआरओ की मदद लेनी होगी, जिसका नगर निगम के साथ एक समझौता होगा।नगर निगम की कमिश्नर प्रतिभा पाल ने मंगलवार को पीआरओ के साथ बैठक भी की..प्रतिभा पाल ने कहा कि इस संबंध में एक आदेश पहले से ही प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के तहत है, जिसमें सभी उत्पादकों, ब्रांड मालिकों और प्लास्टिक उत्पादों के निर्माताओं के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास मात्रा के साथ पंजीकरण करना अनिवार्य है। यदि वे प्लास्टिक बेचते हैं या बाजार में लाते है,तो पीआरओ की मदद से उन्हें अपना पंजीयन सुनिश्चित करना होगा..इसी पंजीयन के आधार पर नगर निगम प्लास्टिक विक्रेताओं ने राशि भी वसूलेगी..योजना के शुरुआती सत्र में नगर निगम सात लाख से अधिक की राशि जुटा भी ली है।
प्रतिभा पाल,आयुक्त, नगर निगम
-नगर निगम ने इस मसले पर प्लास्टिक विक्रय से जुड़े सभी व्यापारियों को चिन्हित भी किया है।
