मध्यप्रदेश के एक रसिक मिजाज मंत्री जी के दिल ने एक बार फिर पलटी मारी है। मंत्री जी का दिल इस बार एक तलाकशुदा गजल गायिका पर आ गया है। मंत्री जी की शाम आजकल मदिरा और यही गजल गायिका के साथ रंगीन हो जाती है। गजल का दौर ऐसा चलता है कि कब सुबह हो जाती है पता ही नहीं चलता है। मंत्री जी गजल के इस कदर शौकीन हो चले हैं कि किसी को भी कुछ तो भी गजल बनाकर सुना देते हैं। अब सुनने वाले को भले ही गजल न समझ आती है और न पसंद लेकिन फिर भी उसे मंत्री जी के रुतबे के कारण दाद देनी पड़ती है। वैसे मंत्री जी को आजकल गजल के साथ एक शौक और लग गया है , वो सरकारी बैठकों में ही कई बार पान चबाते रहते हैं।
