देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में एक बार फिर कांग्रेसी विधायक संजय शुक्ला द्वारा बीजेपी व जिला प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए नगर निगम कर्मचारियों के हितों की मांग रखते हुए ₹10000 नगद राशि देने की मांग रखी है
इंदौर सहित प्रदेश में कांग्रेस सरकार जाने के बाद से ही कांग्रेस के तमाम पदाधिकारी व विधायक बीजेपी सरकार व उनसे जुड़े जिला प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया जा रहा है इसी कड़ी में इंदौर के स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर वन का तनखा आने के बाद फिर एक बार पक्षपात का सांसद विधायक संजय शुक्ला ने आरोप लगाया है उनका कहना है कि पिछले दिनों जब एयरपोर्ट से लेकर राजवाड़े तक जुलूस निकाला गया तो उस जुलूस में किसी भी कांग्रेसी कार्यकर्ता या जनप्रतिनिधि को नहीं बुलाया गया और देर शाम हुए नगर निगम कर्मचारियों के सम्मान समारोह में भी कांग्रेस को दूर रखा गया लेकिन भविष्य में 2023 में कांग्रेस की सरकार आएगी जब उन्हें बताया जाएगा कि पक्षपात क्या होता है
पूर्व पक्षपात के मामले में बीजेपी के प्रवक्ता का कहना है कि यह कार्यक्रम निगम आयुक्त और जिला प्रशासन द्वारा आयोजित था इसमें किसी भी बीजेपी के नेता को भी निमंत्रण कार्ड नहीं भेजा गया किस नेता को लगा कि यहां इंदौर के पक्ष में और काफी अच्छा कार्यक्रम है और सफाई कर्मचारियों का सम्मान समारोह है वहां पर पहुंचे हैं संजय शुक्ला को अगर लगता है कि वह निमंत्रण नहीं आया और नहीं आए हैं तो आने वाले समय में उनके घर के बाहर ढोल धमाके के साथ निमंत्रण पहुंचाया जाएगा और सफाई कर्मचारियों के सम्मान में राजनीति करने की आवश्यकता नहीं है
