हृदय रोग देश में महामारी की तरह फैलता जा रहा है। देश की युवा आबादी बहुत तेजी से इसकी चपेट में आ रही है। लैंसेट और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के अनुसार कुल हृदय रोगियों में 20% ऐसे हैं जिनकी उम्र 40 वर्ष के करीब है। इसकी सबसे बड़ी वजह खान-पान में गड़बड़ी, तनाव, वायु प्रदूषण, मोटापा और धूम्रपान है।
भारत में विकसित देशों से 10 वर्ष पहले हृदय रोग हो रहा है। अमेरिका की तुलना में कोरोनरी आर्टरी डिजीज (सीएडी) होने का खतरा तीन से चार गुना है, जबकि चीन से छह गुना ज्यादा और जापान से 20 गुना ज्यादा है। भारत में हृदय रोिगयों की औसत उम्र 53 वर्ष है, जबकि विकसित देशों में 63 वर्ष है।
ये 4 फैक्ट चौंकाते हैं
1. इंडियन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार जितने भारतीय पुरुषों को हार्ट अटैक होते हैं उनमें से 50 फीसदी की उम्र 50 वर्ष से कम होती है। 25 फीसदी की उम्र 40 से कम की होती है।
2. मेडिकल सर्टिफिकेशन ऑफ कॉज ऑफ डेथ के अनुसार हृदय रोग से जिनकी मौत हो रही है, उसमें 57 फीसदी मौतें ऐसे हृदय रोगियों की हो रही हैं, जिनकी उम्र 25 से 69 वर्ष के बीच है।
3. देश में वर्ष-1990 में हृदय रोगियों की संख्या महज 2 करोड़ 57 लाख थी, 26 वर्ष में बढ़कर 5.4 करोड़ से ज्यादा हो गई है।
4. भारत में अलग-अलग बीमारियों से जितनी मौत होती है, उसमें सबसे ज्यादा 28.1 फीसदी मौत की वजह हृदय रोग है। जबकि 1990 में कुल मौतों में हृदय रोग की हिस्सेदारी 15 फीसदी के करीब थी।
6 वजहें जिनका तुरंत समाधान जरूरी
दो दशकों से युवाओं में हृदय रोग तेजी से बढ़ने की सबसे बड़ी वजह जीवनशैली है। युवा हृदय रोगियों में रोग के ये कारण रहे…
- खान-पान 56.4%
- ब्लड प्रेशर 54.6%
- वायु प्रदूषण 31.1%
- हाई कोलेस्ट्रॉल 29.4%
- धूम्रपान 18.9%
- मोटापा 14.7%
बचने के 3 सरल उपाय
1. एम्स दिल्ली में हृदय रोग विभाग के डॉ. संदीप मिश्रा बताते हैं कि रोज 10 हजार स्टेप्स वॉक करना चाहिए।
2. हफ्ते में पांच दिन 45 मिनट ऐसी एक्सरसाइज करें, जिसमें पसीना बहे। वह तेज वाॅक भी हो सकती है।
3. 70 हजार महिलाओं पर हुए शोध में पाया गया कि जो लोग 7 घंटे से कम नींद लेते हैं, उनमें हृदय रोग का खतरा अधिक होता है। नींद की कमी से तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन बढ़ते हैं। ब्लड प्रेशर और शुगर स्तर भी प्रभावित होता है। इसलिए 7 घंटे की नींद जरूर लें।
