सूचना के बाद भी नहीं आई एंबुलेंस, घायल भाई-बहन को निगम के कचरा वाहन से ले जाना पड़ा अस्पताल

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौरमंगलवार को शहर में लापरवाह प्रशासन और स्वास्थ सेवाओं की जर्जर होती स्थिति का उदाहरण देखने को मिला। मानवता को शर्मसार करने वाली घटना में सड़क हादसे में घायल भाई-बहन को सूचना देने के बाद भी काफी देर तक एंबुलेंस के ना आने पर नगर निगम की कचरा गाड़ी में एमवाय अस्पताल ले जाना पड़ा। प्रशासनिक व्यवस्था के साथ ही शहर के जिम्मेदार नागरिकों और सड़क पर दौड़ते सैकड़ों वाहनों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में कोई मदद नहीं की। इसके चलते एक किशोरी को जान से हाथ धोना पड़ा, वहीं उसका भाई आईसीयू में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा है। धार रोड पर आयशर गाड़ी की टक्कर से बाइक सवार लड़की की मौत हो गई, जबकि भाई गंभीर घायल है। घटना चंदननगर इलाके की है। काफी देर तक एंबुलेंस के नहीं आने पर दोनों घायलों को निगम की कचरा गाड़ी से एमवाय ले जाया गया, लेकिन लड़की को बचाया नहीं जा सका।

जानकारी के अनुसार जोबट में रहने वाली रंजना (18) पुत्री प्रताप बघेल को उसका भाई मुकेश बघेल बाइक से इंदौर लेकर आ रहा था। नाके के पास उन्हें एक तेज रफ्तार आयशर गाड़ी ने चपेट में ले लिया। हादसे के बाद काफी देर तक दोनों घायल सड़क पर पड़े रहे। लोगों ने एंबुलेंस को सूचना दी थी, लेकिन जब काफी देर तक एंबुलेंस नहीं आई तो नगर निगम की कचरा गाड़ी से उन्हें अस्पताल भेजा गया। रंजना ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

बहन का था पेपर

जांच में पता चला है कि रंजना का 10th एग्जाम था। उसे लेकर मुकेश इंदौर आ रहा था। मुकेश राउ में सरकारी कॉलेज से BA की पढ़ाई कर रहा है। पिता किसान हैं। परिवार में दो बहनें और दो भाई हैं। मुकेश का ICU में इलाज चल रहा है। पुलिस टक्कर मारने वाले वाहन की तलाश कर रही है।

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