लम्बे इंतजार के बाद गीता को जगी परिवार से मिलने की उम्मीद

By Abhishek Raghuvanshi
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पाकिस्तान से लाई गई गीता को अब अपने परिवार से मिलने की उम्मीद जगी है हालांकि अभी भी डीएनए का इंतजार दर्शन महाराष्ट्र के परभणी जिला के गुरव समाज ने दावा किया है कि गीता उनकी बेटी है परिजनों ने गीता के पेट पर जलने की निशानदेही बताई है और गीता का बचपन का नाम राधा बताया जा रहा हैं जहा अब डीएनए टेस्ट से तय किया जाएगा कि गीता उनकी ही बेटी है

पिछले कई वर्षों से अपने परिजनों से बिछड़ी गीता के बताए हुए दृश्यों के हिसाब से सामाजिक संस्थाओं ने देश के अन्य प्रदेशों में भ्रमण किया था,, लेकिन गीता के परिवार की कोई खोज खबर नहीं मिल पाई,,, आपको बतादे दिवंगत विदेश मंत्री सुषमा स्वराज द्वारा 26 अक्टूबर 2015 को पाकिस्तान से भारत लाया गया था और तब से ही गीता के परिजनों की तलाश जारी थी,,,,फिलहाल आनंद सर्विस सोसायटी मुक बधिर संस्था में ही रह रही है जिसके सचिव ज्ञानेंद्र पुरोहित ने परिवार को मिलाने के लिए काफी मेहनत की इस दौरान ज्ञानेंद्र पुरोहित ने बताया कि मीडिया और पुलिस प्रशासन ने भी इस पूरे अभियान में काफी सहयोग किया आपको बता दें आनन्द सर्विस मुख बधिर सोसाइटी गीता को महाराष्ट्र के कई जिलों में भ्रमण करा चुकी थी,,,तभी वही के किसी मराठी टीवी न्यूज़ चैनल पर देख कर पहचान की गई हालांकि अभी भी गीता का डीएनए होना बाकी है जिसके बाद ही यह प्रमाणित हो पाएगा कि गीता गुरव समाज के ही परिवार की बेटी है जिस का बचपन का असली नाम राधा है।

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