जलसंसाधन , मछुआ कल्याण और मत्स्य विकास मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट के आव्हान पर इंदौर में धर्मगुरुओं और जनप्रतिनिधियों के साथ कोरोना संक्रमण को रोकने और उसे सामाजिक आंदोलन बनाने के लिए चर्चा का आयोजन किया गया। इस बैठक में शहर क़ाज़ी सहित अन्ना महाराज तथा महामंडलेश्वरगण भी पधारे। साथ में गायत्री परिवार, लायंस और रोटरी क्लब जैसे समाजसेवी संगठन के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
बैठक में मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि गत दिवस मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा इंदौर में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए विशेष प्रयास करने की बात कही थी। । इसी क्रम में आज सभी का सुझाव लेने और कोविड टीकाकरण अभियान को तेज करने के लिए यह बैठक रखी गई।
बैठक में सांसद श्री शंकर लालवानी, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, श्री महेन्द्र हार्डिया सहित अन्य गणमान्यों ने भी अपने सुझाव रखे। धर्मगुरुओं ने प्रमुख रूप से कहा कि कोरोना के टीका के संदर्भ में हर तरह जानकारी आम जनता को मिलनी चाहिए। इस संबंध में अगर कोई भ्रांति पैदा करता है, तो उसका निराकरण भी हो।
बैठक में इस बात पर भी प्रकाश डाला गया कि सोशल मीडिया में कोविड वैक्सीन के बारे में अनर्गल टिप्पणी करने वालों के ख़िलाफ़ विधिक कार्रवाई भी होनी चाहिए। सुझावों के आधार पर इंदौर में दो अप्रैल से तीन दिवस के लिए वैक्सीन महोत्सव मनाने का निर्णय भी लिया गया। सभी की सहमति थी कि कोरोना से बचाव के लिए तीन उपाय सुनिश्चित किया जाना ज़रूरी है और ये तीन उपाय वैक्सीनेशन, वैक्सीनेशन और वैक्सीनेशन है।
मास्क् की अपरिहार्यता इस अभियान को सार्थक स्वरूप प्रदान करेगा। बैठक में यह भी तय हुआ कि सभी धर्मगुरु अपने अनुयाइयों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करेंगे वे स्वयं भी वैक्सीन लगवाएंगे और इसे सोशल मीडिया के माध्यम से समाज के साथ साझा भी करेंगे।
आज इंदौर की ऐतिहासिक रेसीडेंसी कोठी में विभिन्न धर्मगुरुओं के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और प्रशासन के आला अफ़सरों की बैठक कुछ मायनों में बेहद ख़ास रही। इस बैठक के बाद इंदौर में कोरोना संक्रमण को खत्म करने और संक्रमण को रोकने के प्रयासों के दूरगामी परिणाम मिलेंगे।
