तेजाजी नगर चैराहे से राउ बायपास वाला रोड अब मौत का रोड बन चुका है। ऐसा लगता है कि यहां यमराज दिन-रात 24 घंटे घूमते हैं, ये हम नहीं, बल्कि यहां से गुजरने वाले लोग कहते हैं। आए दिन एक्सीडेंट हो रहे हैं, क्योंकि दूसरा ट्रांसपोर्ट नगर यहां बस चुका है। ट्रकों की पार्किंग 24 घंटे होती है, देखने वाला कोई नहीं।
तेजाजी नगर चैराहे से राउ बायपास की ओर जाने वाले रोड पर ट्रक वालों का कब्जा है। यहां सौ से ज्यादा ट्रासंपोर्ट के आॅफिस खुल चुके हैं और सैकड़ों ट्रक सड़क पर खड़े होते हैं। खास बात ये है कि पंद्रह फुट चैड़ी सड़क पर ट्रक खड़ा हो जाता है तो बमुश्किल पांच-छह फीट सड़क बचती है निकलने के लिए। ऐसे में एक्सीडेंट तो होना ही है। अभी हाल ही में यहां इंद्रजीतसिंह पटेल का एक्सीडेंट हुआ तो उनका सिर फट गया। मौत के मुंह में जाते हुए बचे। रोज यहां एक्सीडेंट होते हैं, लेकिन ट्रैफिक पुलिस हो या अधिकारी सब पैसा लेकर चुप बैठे हैं। सड़क ही ट्रक वालों को पार्किंग के लिए जैसे अधिकारियों ने बेच दी हो। दूसरी लापरवाही ये कि यहां की नाली पर ढक्कन तक नहीं है। एक ओर खतरनाक नाली और दूसरी ओर गड्डा है, जिसमें बस्ती बसी है। खतरों की ये डगर ना जाने कितने लोगों की ओर जान लेगी, लेकिन जिम्मेदारों की आंखों पर पट्टी बंधी है। इसके पास में अवैध कालोनियां भी कट रही है, जिनकी रिमुवल करने में अधिकारी आनाकानी करते हैं। अवैध कालोनियों वालों से अधिकारी पैसा लेकर चुप बैठे हुए हैं। क्षेत्रीय पार्षद पुष्पेन्द्र चौहान पर निष्क्रियता के आरोप लग रहे हैं। वो भी ध्यान नहीं देते। निगम अधिकारी, जिला प्रशासन के अफसर शिकायत के बाद भी ध्यान नहीं दे रहे।
