बेटी के उज्जवल भविष्य के लिए पिता ने छोड़ा गाव और बेटी ने डिप्रेशन में आकर उठाया आत्महत्या जेसा कदम

By Abhishek Raghuvanshi
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कई किलोमीटर दूर अपने गांव को छोड कर अपनी बेटी की खुशी के लिए उसे पढ़ा लिखा कर समाज और देश में एक मुकाम हासिल कराने के लिए पिता शहर में चौकीदारी कर अपनी बेटी के सपने पूरे करने में लगा था वहीँ ऐसे पिता की बेटी खुशी ने अपने ही घर में आत्महत्या का प्रयास किया हालांकि परिजनों ने उसे उपचार के लिए एम वाय अस्पताल में भर्ती कराया था उपचार दौरान युवती की मौत हो गई जहां परिजनों ने डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही आरोप लगाया है।

मामला लसूड़िया थाना क्षेत्र के सिंगापुर टाउनशिप में रहने वाली 19 वर्षीय खुशी पढ़ लिख कर समाज और देश के लिए कुछ अच्छा करना चाहती थी पिता ने खुशी के इसी सपने को देखते हुए छतरपुर से इंदौर आकर के उसकी पढ़ाई के लिए चौकीदारी की नौकरी करने लगे अपनी बेटी की पढ़ाई लिखाई और उसकी कामयाबी को देखते हुए जितने पिता खुशी से खुश थे वही लग जाऊं और कोरोनावायरस प्रेशन में आकर खुशी में आत्महत्या जैसा घातक कदम उठाने का प्रयास किया हालांकि परिजनों से तत्काल उपचार के लिए एम वाय अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उपचार के दौरान आखिरकार खुशी ने अपना दम तोड़ दिया परिजनों ने बताया कि किस तरह अस्पताल में डॉक्टर द्वारा उनके साथ अभद्रता की गई वहीं डॉ पीयूष जैन पर इलाज में लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप भी लगाया है सूचना पर से पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

हाला की खुशी जैसे कई और भी बच्चे हैं जिन्होंने लॉकडाउन के दौरान पढ़ाई ना होने के चलते डिप्रेशन आकर ऐसे कदम बच्चे उठा लेते हैं ऐसे में माता-पिता को भी समझना होगा कि ज्यादा से ज्यादा समय अपने बच्चों को दें बच्चा अगर गुमसुम और अकेला हो तो उसके साथ ज्यादा से ज्यादा समय बताएं ताकि बच्चे डिप्रेशन में आकर इस तरह का कदम ना उठा सके

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