विश्वविद्यालय में लगातार बढ़ रहे हंगामा को लेकर अब बिना अनुमति धरना और प्रदर्शन पर सख्ती की गई है विश्वविद्यालय ने एक आदेश जारी किया है जिसमें विद्यार्थी और छात्र संगठनों द्वारा कॉलेज और विश्वविद्यालय परिसर में बगैर अनुमति धरने प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध लगाया गया है समस्याओं के निराकरण करने के लिए अध्ययन शाला और कॉलेज स्तर पर कमेटी बनाने के विश्वविद्यालय ने निर्देश दिए हैं विश्वविद्यालय के निर्णय का विरोध कार्यपरिषद सदस्यों और छात्र संगठनों ने भी करना शुरू कर दिया है
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने लगातार हो रहे छात्रों के हंगामे और छात्र संगठनों के द्वारा किए जा रहे प्रदर्शनों को लेकर अब निर्णय लिया है उच्च शिक्षा विभाग ने कुछ महीने पहले हंगामा और धरना प्रदर्शन को शैक्षणिक संस्थानों में प्रतिबंध कर दिया था इसी को आधार बनाकर विश्वविद्यालय ने कार्य परिषद का हवाला देते हुए कॉलेजों को आदेश जारी कर दिया है आदेश में विद्यार्थी और छात्र संगठनों द्वारा कॉलेज और विश्वविद्यालय परिसर में बगैर अनुमति धरने प्रदर्शन करने पर रोक लगाई गई है इसे लेकर अब कार्यपरिषद सदस्यों ने भी विरोध शुरू कर दिया है कार्यपरिषद सदस्यों का कहना है कि कॉलेज और विश्वविद्यालय में छात्र संगठन के धरना प्रदर्शन और हंगामे को प्रतिबंध करने के संबंध में कार्यपरिषद में कोई फैसला नहीं लिया गया है सिर्फ एक प्रस्ताव रखा गया था जिस पर एक भी सदस्य ने सहमति नहीं दी थी लेकिन इसके बावजूद विश्वविद्यालय ने निर्णय जारी कर कार्य परिषद की अवमानना की है अब विश्वविद्यालय में सिर्फ 5 छात्रों का प्रतिनिधिमंडल अपनी बात रख सकता है छात्रों से जुड़ी समस्या के बारे में पहले छात्र नेताओं और छात्र संगठन को विभाग प्रमुख की अनुमति लेना जरूरी है
