पोलोग्राउण्ड क्षेत्र में हुए अंधे कत्ल का खुलासा : अवैध संबंधों के चलते मृतक की पत्नी के प्रेमी ने सुपारी देकर कराई थी हत्या, पत्नी सहित 5 आरोपी गिरफ्तार

By Abhishek Raghuvanshi
7 Min Read

 डेढ़ साल पहले ही मृतक ने किया था प्रेम विवाह

देवास स्थित अस्पताल में एचआर मैनेजर पत्नी का वहीं कार्यरत नर्सिंग हेड से था अफेयर

पोलोग्राउंड क्षेत्र में हुई युवक के अंधे कत्ल का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मृतक युवक की पत्नी के प्रेमी ने सुपारी देकर इस हत्या को अंजाम दिया था। डेढ़ साल पहले ही स्कूल में साथ पढ़ने वाली युवती से मृतक ने प्रेम विवाह किया था। मृतक की पत्नी देवास स्थित एक अस्पताल में एचआर मैनेजर के पद पर काम करती थी। इसी अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग हेड से युवती के अवैध संबंध थे। मामले में पुलिस ने मृतक युवक की पत्नी और प्रेमी सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 

बाणगंगा पुलिस के अनुसार 13 अक्टूबर 2021 की सुबह लगभग पौने आठ बजे पोलोग्राउण्ड विद्युत मंडल के सामने बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने आकाश पिता यशवंत मिडकिया (29) निवासी वाल्मिकी नगर इंदौर की आंखों में मिर्ची झोंकने के बाद  चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी।

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90 किमी के रूट पर 150 से ज्यादा सीसीटीवी खंगाले

हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस की टीम ने मृतक आकाश के घर एवं घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटैज खंगाले जिसमें घर एवं घटना स्थल की रैकी करते हुए दो संदिग्ध युवक नजर आए। फुटैज में दोनों संदिग्धों द्वारा ही आकाश की हत्या कर फरार होना पाया गया। । मामले में पुलिस ने लगभग 90 किलोमीटर का रूट ट्रैक किया और लगभग 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटैज जांचे। 50 से अधिक लोगों से प्रकरण में पूछताछ की गई।

सीसीटीवी में संदेही इंदौर से ग्रामीण क्षेत्र के रास्ते उज्जैन के चिंतामन जवासिया जाते दिखाई दिए। आरोपियों की बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर MP-13 EU-299 के रजिस्टर्ड पते के आधार पर आरोपियों की तलाश प्रारंभ की गई। पड़ताल के बाद संदेही संदेही मनीष शर्मा से पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने हत्या की साजिश रचना कबूल किया जिसके आधार पर षडयंत्र में शामिल चार अन्य आरोपीयों को भी गिरफ्तार किया गया।

(मृतक आकाश अपनी पत्नी और आरोपी वर्तिका के साथ)

इन आरोपियों को किया गिरफ्तार

(1) मनीष पिता रामेश्वर लाल शर्मा (35), नर्सिंग हेड ( मैनेजर ) अमलतास अस्पताल, बांगर जिला देवास (यह मृतक की पत्नी का प्रेमी है)

(2) वर्तिका पति आकाश मिडकिया (29) निवासी वाल्मिकी नगर, इंदौर। अमलतास अस्पताल देवास में एचआर मैनेजर के पद पर कार्यरत। (यह मृतक की पत्नी है)

(3) जीतू उर्फ जितेन्द्र पिता लीलाधर वर्मा (43) हाउसकिपिंग इंचार्ज अमलतास अस्पताल, निवासी ग्राम जामगोद, जिला देवास

(4) अर्जुन पिता मनोहर मण्डलोई (28) निवासी ग्राम अमल्या पिपलिया, जिला देवास

(5) अंकित उर्फ बिट्टु पिता चंदरसिंह पंवार (23) निवासी हीरामील की चाल, कोयला फाटक, जिला उज्जैन

मृतक को पता चल गए थे पत्नी के अवैध संबंध

मृतक आकाश मिडकिया व वर्तिका श्रीवास्तव दोनों उज्जैन में रहते थे एवं प्राईइमरी स्कूल में दोनो साथ में पढ़ाई करते थे। आकाश व वर्तिका ने डेढ़ साल पहले प्रेम विवाह किया था। उज्जैन में आकाश के ऊपर कर्जा होने के कारण आकाश अपने परिवार के साथ कुछ दिनों पहले ही इंदौर शिफ्ट हुआ था। आकाश विजयनगर की टेली पफॉर्मर कंपनी में काम (वर्क फ्रॉम होम) करता था जबकि उसकी पत्नि वर्तिका देवास के अमलतास अस्पताल में एचआर मैनेजर के पद पर काम करती थी। इसी अस्पताल के मैनेजर (नर्सिंग हेड) मनीष शर्मा से वर्तिका के अवैध संबंध थे। इस बात का पता वर्तिका के पति आकाश को चल गया था। जिसके चलते आकाश ने वर्तिका से झगड़ा किया और देवास जाकर मनीष शर्मा को धमकी दी थी।

धमकी के परेशान होकर बनाई हत्या की योजना

आकाश द्वारा दी गई धमकी से वर्तिका और उसका प्रेमी मनीष शर्मा परेशान थे और उसे रास्ते से हटाने की योजना बना रहे थे। इसके लिए मनीष ने अस्पताल में हाउस किपिंग इंचार्ज जीतू वर्मा के साथ मिलकर हत्या का षड्यंत्र रचा। इस हत्या के लिए मनीष ने अपने बाउंसर अर्जुन मण्डलोई और उसके दोस्त अंकित उर्फ बिट्टु पंवार को भी तैयार किया। योजना के मुताबिक मनीष हत्या के कुछ दिन पहले ही राजस्थान चला गया। वहीं जीतू वर्मा ने अर्जुन मण्डलोई और अंकित उर्फ बिट्ट को बाइक और मोबाईल फोन उपलब्ध करवाए। 

पत्नी ने ही दी थी आने-जाने के रास्ते की जानकारी

इस साजिश में मृतक की पत्नी भी शािमल थी। उसने आरोपियों को बताया था कि आकाश रोज सुबह 7 उसे अस्पताल जाने के लिए एलआईजी चौराहे पर छोड़कर आता है। इस पर आरोपी अर्जुन व अंकित ने आकाश के आने-जाने वाले रास्ते की रैकी की और हत्या का स्थान तय किया। तय योजना के अनुसार 12-13 अक्टूबर की रात अर्जुन व अंकित बाइक से रात एक बजे इंदौर पहुंचे और सुबह 6 बजे तक रेल्वे स्टेशन पर रुके रहे। सुबह साढ़े छः बजे वह आकाश के घर के सामने गार्डन के पास जाकर खड़े हो गए। सुबह 7 बजे आकाश अपनी पत्नी वर्तिका को छोड़ने एक्टिवा से निकला। वर्तिका को बस में बैठाकर जब वह वापस घर आ रहा था तब अर्जुन व अंकित ने पोलोग्राउण्ड विद्युत मंडल के सामने उसे गाड़ी अड़ाकर रोका और आंखों में लाल मिर्ची डालने के बाद चाकूओं से हमला कर दिया। षडयंत्र के मुताबिक पुलिस को गुमराह करने के लिए हमले के दौरान आरोपी आकाश से कह रहे थे कि भैया के पैसे लौटा देना। हत्या करने के बाद आरोपी फरार हो गए थे। बाद में आरोपियों ने मनीष शर्मा को फोन पर आकाश की हत्या की पुष्टि की थी। पुलिस से बचने के लिए आरोपी अर्जुन ने अपनी सिर व दाड़ी के बाल कटवा कर मुण्डन करा लिया था।

खुलासे में इनका रहा महत्वपूर्ण योगदान

आरोपियों को पकड़ने में सीएसपी निहित उपाध्याय, निरीक्षक राजेन्द्र सोनी, उनि स्वराज डाबी, उनि योगेश गरासिया, उनि आलोक मिठास, प्रधान आरक्षक शैलेन्द्र मीणा, प्रधान आरक्षक राजीव यादव, आरक्षक राजकुमार चौबे, आरक्षक रविन्द्र रघुवंशी, आरक्षक हीरामणि मिश्रा, आरक्षक प्रदीप शर्मा, आरक्षक राहुल यादव की उल्लेखनीय भूमिका रही। इसके अलावा देवास के बीएनपी थाने के मुकेश इजारदार एवं मनोज पटेल का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा।

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