पुलिस ने नकली पुलिस बनने वाले आरोपी के साथी महिला तांत्रिक को हिरासत मे लिया

By Abhishek Raghuvanshi
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खुद नकली सब इंस्पेक्टर बनकर सेंट्रल गवर्नमेंट का अंडरकवर पुलिस अधिकारी ठगी मामले में पुलिस ने आरोपी रवि उर्फ राजवीर के एक औऱ साथी महिला तांत्रिक सीमा उर्फ छोटू महाराज को भी गिरफ्तार किया है। आरोपियो ने शोरूम संचालक की पत्नी से 20 लाख रुपये ऐठ लिए। तांत्रिक सीमा उर्फ छोटू महाराज आरोपी रवि को महिलाओं से अपना बेटा बनकर मिलाती थी जो एक अंडरकवर ऑफिसर है।

पुलिस का अधिकारी बताकर एक युवती से शादी के नाम पर लाखों रुपये ऐंठने का मामला में पुलिस ने एक अन्य महिला की शिकायत आरोपी रवि और छोटू महाराज पर धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है ।जहां महिला तांत्रिक सीमा उर्फ छोटू महाराज ओर रवि साथ मिलकर कई महिलाएं और युवतियों को अपना निशाना बना चुके हैं पुलिस के पास कई और युवतियो की भी शिकायत मिली है जहां तांत्रिक सीमा उर्फ छोटू महाराज द्वारा आरोपी रवि को अपना बेटा बता कर मिलवती थी ओर तंत्र मंत्र का अंधविश्वास भ्रम जाल फैलाकर महिलाओं से लाखों की ठगी करते थे। पुलिस ने आरोपी रवि के कई अलग-अलग विभाग के फर्जी आईडी कार्ड भी बरामद किए हैं कभी खुद को पुलिस ऑफीसर एसआई बताता था तो कई महिलाओं को अंडरकवर ऑफिसर और कमिश्नर स्तर का अधिकारी बताकर अपने झांसे में लेकर धोखाधड़ी करता था।

महिलाओं को झांसा देकर रुपये ठगने के बारे में पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि इन रुपयों को नक़ली पुलिस रवि सोलंकी तांत्रिक छोटू महाराज के पास लेकर जाता था। उससे वह नोटों की बारिश करने के लिए कई तंत्र क्रियाओं का सामान भी मंगाया था कुछ समय पहले वह इंदौर के समीप माचल स्थित श्मशान घाट गए थे। जहां पर छोटू बाबा के साथ अन्य दो व्यक्ति भी थे जहां पर नोटों की बारिश की बात हुई थी, लेकिन बाबा द्वारा किसी आत्मा को दिखा कर वहां से उसे वापस ले आए लेकिन नोटों की बारिश नहीं हुई।

पुलिस पूछताछ में आरोपी रवि ने बताया कि कैसे वह अपना जाल जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में फैला रखा था। रवि का रसूख इतना बढ़ा हुआ था कि क्षेत्र के लोग इसे फोन कर सूचना देते थे।  गांजा बेचने वाले जुआ सट्टा खेलने वालों के नाम पते देते थे। वहीं कई लोग उसे रेड डालने की जब बात करते थे तो रवि वहां नहीं जाता था। और कह देता था कि मैं अभी दूसरे थाने पर हूं तुम तुरंत 100 नंबर पर डायल कर अपनी शिकायत दर्ज करा दो।  मैं  वरिष्ट अधिकारी को कह देता हूं। कई लोगों की शिकायत मिलने पर सीएम हेल्पलाइन पर खुद के नंबर से कॉल कर कंप्लेंट रजिस्टर कर आता था जब संबंधित थाने से सीएम हेल्पलाइन के समाधान के लिए फोन आता था और उनकी समस्याओं को हल किया जाता था तो लोग रवि पर भरोसा कर लेते थे।

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