मध्यप्रदेश में पुनः बढ़ रहे कोरोना संक्रमण से प्रदेश की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप के कारण एक बार फिर प्रदेश के विश्वविद्यालय की परीक्षाएँ भी प्रभावित होती दिखाई दें रही है। जिसके कारण प्रदेश का समूचा विद्यार्थी वर्ग असमंजस की स्तिथि में है , ऐसे में सरकार का यह दायित्व बनता है कि त्वरित रूप से विश्वविद्यालय परीक्षाओं के बारे में उचित निर्णय कर विद्यार्थियों को इस असमंजस की स्थिति से बाहर लाए। अभाविप के प्रांत मंत्री घनश्याम सिंह चौहान ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए तथा भविष्य में संचालित होने वाले शैक्षणिक सत्र को सामने रखते हुए अभाविप का यह सुविचारीत मत है, कि राज्यशासन एवं विश्वविद्यालय प्रबंधन स्नातक प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष एवं स्नातकोत्तर द्वितीय समेस्टर के विद्यार्थियों हेतु वैकल्पिक मूल्यांकन के माध्यम से परीक्षा आयोजित कराई जाए तथा कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव के आकलन के पश्चात ही कुछ समय अंतराल के बाद स्नातक एवं स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षा हेतु भी यथोचित निर्णय लिया जाए।
