इंदौर में नकली पुलिस अफसर पकड़ाने के मामले में नया खुलासा हुआ है। आरोपी जल्द कमिश्नर बनने वाला था, लेकिन उससे पहले ही वह गिरफ्त में आ गया। शनिवार देर रात एसपी आशुतोष बागरी आरोपी से पूछताछ करने पहुँचे।
एसपी ने बताया कि आरोपी रवि सोलंकी उर्फ राजवीर ने दो अलग-अलग महिलाओं से ठगी की है। एक महिला को शादी का झांसा दिया, वहीं दूसरी महिला से लाखों रुपए ऐंठे। आरोपी के पकड़ाने के बाद दूसरी पीड़िता ने भी शिकायत दर्ज करवाई है।एसपी के अनुसार दूसरी पीड़िता समर्थ परिवार की है। कुछ माह पूर्व गाड़ी लेने गए आरोपी रवि ने महिला से दोस्ती की। इसके बाद उससे रुपए मांगने शुरू किए। दोनों की दोस्ती गहरी होती गई। इसके बाद आरोपी महिला से रोज बात करता और उससे रुपए की मांग करता था। आरोपी उस महिला से लाखों रुपए ऐंठ चुका है। एसपी ने दोनों पीड़ित महिलाओं से यह जानकारी लेने की कोशिश की कि आरोपी रवि दोनों महिलाओं को किस बात को लेकर झांसा दे रहा था, जिसमें सामने आया कि समृद्ध परिवार की महिला को यह गाड़ी खरीदने के दौरान मिला था। इसके बाद लगातार महिला को यह जताता रहा और उससे रुपए मांगता रहा। दूसरी पीड़ित महिला को हमेशा यह अंडर कवर एजेंट बताता था। एसपी के अनुसार दूसरी पीड़ित महिला से आरोपी द्वारा दो करोड़ रुपए की जरूरत की बात भी सामने आई है। महिला द्वारा लाखों दिए जाने की बात कही गई थी। वहीं, आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह केवल 12वीं पास है। लेकिन यूट्यूब और अन्य माध्यमों से पुलिस के पहनावे और चाल ढाल को बहुत अच्छी तरह से समझने के बाद अपने आप को अधिकारी बताता था।
गौरतलब है कि आरोपी के पास से अन्य कई लड़कियों के नंबर भी मिले हैं जिनका नाम उसने पुलिस अधिकारियों के नाम से सेव किया हुआ था। जब भी वह किसी लड़की के साथ होता था तो फोन उठाकर दबिश देने और गिरफ्तारी करने जैसी बात कर कर वहां से निकल जाता था।
