देश में डेल्टा प्लस वैरिएंट ला सकता है तीसरी लहर; महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और केरल को तैयार रहने के निर्देश

By Abhishek Raghuvanshi
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बेहद संक्रामक है डेल्टा प्लस वैरिएंट
एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने इंडिया टुडे से बातचीत में डेल्टा प्लस को वैरिएंट ‘बेहद संक्रामक’ बताया है. उनका कहना है कि “ये इतना संक्रामक है कि अगर आप इस वैरिएंट से संक्रमित किसी कोरोना मरीज के बगल से बगैर मास्क के गुजरते हैं तो आप भी संक्रमित हो सकते हैं.” उनका कहना है कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन कर इससे काफी हद तक बचा जा सकता है. उनका ये भी कहना है कि अब इस बारे में पता लगाया जा रहा है कि वैक्सीन इस वैरिएंट के खिलाफ असरदार है या नहीं.

डॉ. गुलेरिया का कहना है कि भारत में अभी इस वैरिएंट का प्रसार सीमित है, लेकिन हमें सतर्क रहने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि डेल्टा प्लस समेत दूसरे वैरिएंट के मद्देनजर अगले 6 से 8 हफ्ते बेहद महत्वपूर्ण हैं. हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ कोवैक्सीन और कोविशील्ड असरदार है और वैक्सीनेशन के बाद अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत भी नहीं पड़ रही है. । कोरोना की तीसरी लहर के लिए खतरा माने जा रहे ‘डेल्टा प्लस’ वैरिएंट को केंद्र सरकार ने ‘वैरिएंट ऑफ कंसर्न’ यानी ( चिंताजनक ) घोषित कर दिया है , अभी तक देश में मिले 22 मरीज़
मप्र , महाराष्ट्र , और केरल को किया केंद्रीय स्वास्थ मंत्रालय द्वारा नोटिफाई
सतर्कता में ही सुरक्षा , भीड़ भाड़ वाली जगह जाने से बचें , मास्क जरूर लगाएं
वेक्सीनेसन जरूर करवाएं

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