गुरु नानकदेव महाराज के 553वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में इंदौर में नगर कीर्तन निकाला गया… दो साल बाद निकाले गए नगर कीर्तन में सिख समाज की धार्मिक-सामाजिक, गुरुनानक नाम लेवा साध संगत के साथ शैक्षणिक संस्थाए भी शामिल हुई । इस बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए खान-पान के स्टाल नगर कीर्तन के मार्ग पर नहीं लगाए गए… इसके अतिरिक्त सिक्ख समाज ने प्रकाश पर्व के तीन दिवसीय दीवान में प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने का भी फैसला लिया है ।
गुरु नानकदेव महाराज के 553वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में सिक्ख समाज ने इंदौर में नगर कीर्तन निकाला …कीर्तन इमली साहिब गुरुद्वारे से शुरू होकर राजवाड़ा, शास्त्री ब्रिज, रीगल चौराहा, आरएनटी मार्ग से पटेल ब्रिज, जवाहर मार्ग होते हुए फिर गुरुद्वारा इमली साहिब पर पहुंचेगा। कीर्तन के लिए सिक्ख समाज से जुड़ी सभा ने सभी सिख संगतों से निवेदन किया था कि नगर कीर्तन मार्ग पर यातायात सुविधापूर्वक चलता रहे, इसके लिए आधी सड़क छोड़कर संगत सम्मिलित हो। नगर कीर्तन में सम्मिलित होने वाले सभी जत्थों को अनुशासित चलाने और यातायात को सुगम बनाने के लिए सभा की ओर से सेवादार नियुक्त किए गए थे। सभी पुरुष सफेद वस्त्र और केसरिया पगड़ी जबकि महिलाएं सफेद वस्त्र के साथ केसरिया दुपट्टा पहनकर कीर्तन में शामिल हुई..श्री गुरु ग्रंथ साहिब महाराज की पालकी साहिब जिस मार्ग पर चल रही थी उसके आगे गुरमत प्रचार जत्थे के 500 सेवादार झाडू लगाते हुए चले रहे थे जबकि..पानी से सड़क को भी धोया जा रहा था ।
