गांधी जयंती के उपलक्ष में सेंट्रल जेल में खेलों के माध्यम से कैदियों में सुधार लाने का प्रयास

By Abhishek Raghuvanshi
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गांधी जयंती के उपलक्ष में लगभग पूरे भारतवर्ष में कैदियों को सुधार और मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है और इसी के तहत इंदौर की सेंट्रल जैल में भी कैदियों के मनोबल में सुधार और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से लगातार जेल विभाग द्वारा समय-समय पर विभिन्न प्रकार के आयोजन किए जाते रहे हैं…

इसी क्रम में इंदौर के सेंट्रल जैल में भी इंडियन ऑयल के सौजन्य से परिवर्तन प्रिजन टू प्राइस कार्यक्रम के तहत इंदौर की सेंट्रल जेल में खेलों के माध्यम से कैदियों में सुधार लाने का प्रयास शुरू किया गया है सामान्यतः देखा गया है कि खेलों से तनाव और चिंता दूर होती है वहीं सामाजिक कलंक को कम करने में खेल सहायक सिद्ध होते हैं कैदियों को खेलों में शामिल किए जाने से उनकी विचारधारा में सकारात्मक परिवर्तन भी आता है खेल और शारीरिक गतिविधि मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं यदि को एकीकरण का समर्थन समुदाय में वापसी परिवर्तन एक पहल है जिसका उद्देश्य इंडियन ऑयल खिलाड़ी और बाहरी कोचों के माध्यम से एक महीने के लिए जेल के कैदियों के लिए कोचिंग शिविर का आयोजन कर रहा है । इंडियन ऑयल के जनरल मैनेजर एन के पाटीदार की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में जेल अधीक्षक श्रीमती अलका सोनकर ने अपने संबोधन में कहा कैदियों में माननीय भावना और दया की भावना का विकास ही उन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकता है पूर्व में किए गए अपराध एवं गलत निर्णयों की वजह से वे एक कैदी के रूप में अपना जीवन निर्वाह कर रहे हैं किंतु यहां से वे बेहतर इंसान के रूप में बाहर निकले वह देश और समाज के उत्थान में अपनी भूमिका का निर्वहन कर सकें इसी उद्देश्य से जेल प्रशासन उन्हें प्रशिक्षित कर मानसिक एवं शारीरिक रूप से सुदृढ़ बनाने का प्रयास कर रहा है ।

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