खातीपुरा राम मंदिर के बाहर अवैध कब्जा धारी दुकानदार मंदिर ट्रस्ट को बेवजह कर रहे बदनाम

By Abhishek Raghuvanshi
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खातीपुरा रिवर साइड रोड राम मंदिर के बाहर अवैध कब्जा धारी दुकानदार मंदिर की जमीन पर दुकान बनाने के लिए मंदिर ट्रस्ट को बेवजह कर रहे बदनाम… गुंडों के साथ मिलकर संत जनों के खिलाफ कर रहे अभद्र भाषा का उपयोग..

खातीपुरा मंदिर निर्माण के मामले में कुछ दुकानदारों द्वारा बेवजह तूल दिया जा रहा है.. लगभग ढाई सौ वर्षो से अधिक समय से यहां पर भगवान श्री राम का मंदिर बना हुआ है मंदिर के बाहर कुछ दुकानदारों द्वारा नालियों पर अवैध रूप से अतिक्रमण करते हुए दुकानें बनाई गई थी जिन्हें पूर्व में भी नगर निगम हटाने का नोटिस दे चुका है.. चुंकि दुकानें हटना है… इसलिए दुकानदार मंदिर ट्रस्ट को ब्लैकमेल कर मंदिर परिसर में अपनी दुकानें स्थापित करना चाहते हैं… और इसीलिए पिछले काफी समय से संत जनों को परेशान करते हुए कथित गुंडों के माध्यम से हरिजन एक्ट एवं अन्य अनुचित आरोप लगाकर संत महंतों को परेशान कर रहे हैं… आचार्य महामंडलेश्वर दिगंबर अखाड़ा के राम गोपाल दास महाराज ने मीडिया से चर्चा में कहा कि यहां पर नालियों पर अवैध रूप से बनाई गई दुकानों के कारण यहां पूरे क्षेत्र में बारिश का पानी जमा हो जाता है और मंदिर के आसपास भी गंदगी हो जाती है.. वही इन दुकानों पर असामाजिक तत्व भी डेरा डाले बैठे रहते हैं.. इन दुकानों के कारण यहां पर यातायात भी जाम होता है.. इसी कारण नगर निगम और जिला प्रशासन इन अवैध दुकानों को यहां से हटा रहा है.. इसीलिए अब दुकानदार गुंडे बदमाशों का सहयोग लेकर संत महंतों के खिलाफ अनर्गल भाषा का उपयोग करते हुए राम मंदिर ट्रस्ट को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं.. किंतु संत अपना सब कुछ समर्पित करते हुए संत बनते हैं.. हम इन लोगों से डरने वाले नहीं हैं प्रभु श्री राम के भक्त हैं और मंदिर की जमीन पर असामाजिक तत्वों को कब्जा नहीं करने देंगे.. श्री राम मंदिर धार्मिक एवं परमार्थिक न्यास के अध्यक्ष स्वामी जानकी वल्लभ दास एवं न्यासी चंद्रभान रिछारिया ने मीडिया से चर्चा में कहा कि मंदिर की जमीन पर कब्जा करने की नियत से दुकानदार बेवजह दबाव बना रहे हैं मंदिर में 100 वर्ष आयु के संत भी रहते हैं… दुकानदारों की दादागिरी एवं गुंडागर्दी की शिकायत अब हम पुलिस प्रशासन के समक्ष भी करेंगे। आपको बता दें कि इस मामले में कल पंचकुइया राम मंदिर के महामंडलेश्वर महंत लक्ष्मण दास जी महाराज भी अपना विरोध प्रकट कर चुके हैं।

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