कोरोना काल के बाद पहली बार इंदौर में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेशानुसार शनिवार को जिले के समस्त न्यायालयों, राजस्व न्यायालय एवं अन्य विभागों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश किया।
शनिवार को जिला कोर्ट,कुटुंब न्यायालय, नगर निगम, विद्युत विभाग, बीमा कंपनियों सहित जिले की सभी तहसील और अन्य न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया । इंदौर जिले में लोक अदालत में ऑनलाइन और ऑफ लाइन प्रकरण सुनवाई के लिए रखे गए हैं। इनमें विद्युत विभाग, बीएसएनल, बीमा कंपनियों के दावे प्रकरण शामिल है । जिला न्यायाधीश दिनेश कुमार पालीवाल ने बताया कि 23 मार्च को करोना काल शुरू होने के बाद पहली राष्ट्रीय लोक अदालत संपूर्ण देश में आयोजित की गई है। उसी श्रंखला के तहत इंदौर में भी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया है। जिसमें ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों ही तरह से प्रकरण का निपटान किया जा रहा है। वहीं लोक अदालत में दो बड़े मोटर व्हीकल एक्ट के तहत प्रकरण में राजीनामा हुआ जिसकी राशि 50 लाख रुपए की रही..पालीवाल ने कहा यह लोक अदालत की सफलता को इंगित करता है। शाम तक बहुत बड़ी संख्या में इंदौर जिला न्यायालय द्वारा प्रकरणों का निराकरण राजीनामा के तहत किया जाएगा।
गौरतलब है कि इंदौर जिला न्यायालय ,परिवार न्यायालय ,श्रम न्यायालय ,सहित जिले की सभी तहसील न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य रूप से क्लेम प्रकरण ,चेक बाउंस ,सिविल प्रकरण ,विद्युत अधिनियम,पारिवारिक मामले श्रम मामले ,राजस्व ,मनरेगा सहित भूमि अधिग्रहण जैसे मामलों का आपसी समझौते से निपटारा किया गया।
