पिछली नष्ट हो चुकी खरीफ फसल का मुआवजा अभी तक किसानों के हाथों में नहीं पहुंचा जिसके कारण क्षेत्र के किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। सोसायटियों में लम्बी लम्बी लाइनें देखने को मिल रही है, किसान आगामी रबी फसल के लिए खाद लेने के लिए भूखे-प्यासे लाइनों में लग रहे, परन्तु उन्हें मिल रहा है तो सिर्फ कल के लिए झूठा आश्वासन, यह कल न जाने कब तक आगर के किसानों तक पहुंचेगा इसकी राह हम भी देख रहे हैं। पिछली फसल खराब हो चुकी इससे सरकार व बिजली विभाग को कोई मतलब नहीं है, विघुत मंडल किसानों पर दबाव बनाकर बिजली बिलों की वसूली कर रहे हैं, इन सभी समस्याओं को हल करने का प्रयास कर रहे हैं आगर के क्षेत्रीय विधायक विपिन वानखेड़े। विपिन वानखेड़े ने आज क्षेत्र के ग्राम सुनारिया से तनोड़िया तक “किसान आक्रोश पदयात्रा” के माध्यम से किसानों की आवाज उठाई यात्रा ग्राम सुनारिया, राघौगढ़, ठिकरिया जोड़, बाचाखेडा़, गुंदी, थडौदा होते हुए किसानों के साथ तनोडिया पहुंची जहां नयाब तहसीलदार रीना पटेल को ज्ञापन सौंपकर निम्न मांगों को जल्द से जल्द पूरा तथा समस्याओं को तत्काल निराकरण करने को कहा।
विधायक विपिन वानखेड़े ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आज हमने ग्राम सुनारिया से तनोड़िया तक किसान भाइयों के साथ पदयात्रा के माध्यम से सरकार के समक्ष मांगे रखी है। शिवराज सिंह चौहान किसानों को लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। पिछली फसल का अभी तक न कोई सर्वे करवाया न ही कोई मुआवजा दिया। किसानों को खाद के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है शिवराज सरकार चुनाव में मस्त हैं, किसानों की सुध नहीं ले रही है। किसान की आर्थिक स्थिति बिजली बिल भरने योग्य नहीं है परन्तु बिजली विभाग दबाव पूर्वक बिजली बिलों की वसूली कर रही है।
