पेट्रोल डीजल की मूल्यवृद्धि को लेकर बस एसोसिएशन द्वारा एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर जाने की बात हैं उन्होंने अपनी तीन प्रमुख मांगों को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मांग की है कि प्रदेश में पेट्रोल डीजल के दामों में कमी करें साथ ही आरटीओ द्वारा की जा रही बेवजह चालानी कार्यवाही के खिलाफ भी रोक लगाएं ओर यात्री किराया बढ़ाने मांग को लेकर आज इंदौर के गंगवाल बस स्टेशन पर प्राइवेट बस ऑपरेटरों द्वारा दिनांक 26 फरवरी को एक दिनी सांकेतिक हड़ताल पर जाने की बात की गई है ।
पेट्रोल डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते किराया बढ़ाए जाने की मांग को लेकर बस संचालक 26 फरवरी यानी कि कल 1 दिन की हड़ताल की घोषणा कर चुके हैं। पूरे प्रदेश में कल बस संचालक हड़ताल पर रहेंगे। हड़ताल के चलते प्रदेश भर में लगभग 20 हजार बसों का संचालन प्रभावित हो सकता है। बस संचालकों का कहना है कि प्रदेश में जब 58 रुपये प्रति लीटर डीजल बिक रहा था, तब बसों का किराया निर्धारित किया गया था, लेकिन अब प्रदेश में 90 रुपये लीटर डीजल बिक रहा है, लेकिन किराया बढ़ोतरी नहीं की गई है। ऐसे हालातों में जहां बस संचालकों के लिए अपनी बसों को चलाना बेहद मुश्किल हो गया है, वही बस हादसे के बाद परिवहन विभाग बस संचालकों को बेवजह परेशान कर रहा है। कहा जा रहा है कि सख्ती दिखाने के लिए बिना वजह चालानी कार्रवाई की जा रही है, जिसकी वजह से बस संचालक प्रताड़ित हो चुके हैं। बस संचालकों ने सरकार से चालानी कार्रवाई पर रोक लगाने, डीजल के दामों में कमी करने और किराया बढ़ाए जाने की मांग सहित कुल 3 मांगों को लेकर 1 दिन की हड़ताल का फैसला लिया है। कहा जा रहा है कि यदि सरकार बस संचालकों की मांगों पर ध्यान नहीं देती है तो संचालक कड़े निर्णय पर मजबूर होंगे।
शिव सिंह गौड़, अध्यक्ष, गंगवाल बस एसोसिएशन
