कोरोना की संभावित तीसरी लहर और ओमीक्रॉन वैरीअंट के मद्देनजर अब शासन प्रशासन ने अपनी तैयारियों को समीक्षा करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर मंत्री तुलसी सिलावट और कलेक्टर मनीष सिंह सहित जिला आपदा प्रबंधन समिति के सदस्यों ने शहर के शासकीय और निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन के द्वारा एक मॉकड्रिल भी ऑक्सीजन को लेकर की गई, ताकि आवश्यकता के अनुसार तत्काल रूप से ऑक्सीजन की सप्लाई शुरू की जा सके। वही संभावित तीसरी लहर और इंदौर की तैयारियों को लेकर मंत्री तुलसी सिलावट का कहना है कि प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में पूरे प्रदेश को ऑक्सीजन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की योजना शुरू की थी, जिसके परिणाम स्वरूप आज इंदौर में 42 अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट बनकर तैयार है, साथ ही सभी ऑक्सीजन प्लांट के द्वारा ऑक्सीजन की सप्लाई भी अस्पतालों को शुरू हो गई है, जहां से जरूरत पड़ने पर इन ऑक्सीजन से सप्लाई भी तत्काल प्रभाव से शुरू की जा सकती है। इसके साथ ही मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि कोरोना के नए वैरीअंट को लेकर सरकार सतर्क और मुस्तैद है, साथ ही मंत्री तुलसी सिलावट में आम लोगों से शारीरिक दूरी बनाए रखने और मास्क का प्रयोग करने की अपील भी की। साथ ही उन्होंने वैक्सीनेशन पर भी जोर देते हुए कहा कि जिस भी व्यक्ति द्वारा कोरोना का पूर्ण वैक्सीनेशन नहीं करवाया है वह आवश्यक रूप से इसे करवा ले, ताकि कोरोना से बचाव के लिए संपूर्ण सुरक्षा कवच उन्हें प्राप्त हो सके। गौरतलब है कि कोरोना की दूसरी लहर में इंदौर शहर में सबसे ज्यादा किल्लत ऑक्सीजन की हुई थी, जिसके बाद शासन प्रशासन के द्वारा अन्य राज्यों से ऑक्सीजन लाकर आपूर्ति की व्यवस्था की गई थी, लेकिन जो स्थिति कोरोना की दूसरी लहर में बनी थी वह स्थिति संभावित तीसरी लहर में ना बने, इसको लेकर इंदौर का स्थानीय प्रशासन के साथ ही मध्य प्रदेश सरकार की लगातार प्रयास कर रही है।
