सांसद शंकर लालवानी बुधवार को जिला जेल के दौर पर गए और वहां की व्यवस्थाएं देखी साथ ही अधिकारियों को कोरोना से बचाव के सभी उपाय करने के लिए कहा।
कोरोना की आपदा के बीच सांसद शंकर लालवानी ने जिला जेल में कैदियों, प्रहरियों और अधिकारियों से मुलाकात कर वहां का जायजा लिया। जिला जेल में करीब 900 कैदी है जिसमें 86 महिलाएं और 9 बच्चे भी शामिल है।
सांसद ने कोरोना के काल में भी अपनी ड्यूटी निभा रहे कोरोना योद्धाओं को पीपीई किट, मास्क, सैनीटाइजर और 3 थर्मल गन भी दी है। जेल में थर्मल गन के प्रयोग से कैदियों अन्य कर्मचारियों का बुखार नापना आसान होगा जिससे कोरोना संक्रमण को शुरुआत में ही रोका जा सकेगा।
सांसद ने कोरोना से बचाव के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी भी ली और सभी से शारीरिक दूरी बनाए रखने, मुंह ढांकने और हाथ धोने के लिए कहा। दरअसल, जिला जेल में 34 कैदी आइसोलेेशन में है और कोरोना का डर यहां पर साफ देखा जा सकता है। सांसद ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देकर कहा कि कोरोना का प्रसार ना हो इसके लिए हर संभव इंतजाम किए जाने चाहिए। इस पर अधिकारियों ने सांसद को बताया कि जेल में नियमित अंतराल पर कैदियों का मेडिकल चेकअप होता है और संदिग्ध कैदियों को तुरंत अलग रखा जाता है।
कोरोना के कारण कोर्ट भी बंद है और पिछले कुछ समय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाने वाली सुनवाई भी बंद है। इस कारण कई विचाराधीन कैदी भी यहां बंद है और जेल में कैदियों की संख्या बढ़ गई है।
इस बीच जेल में मास्क बनाने का काम जारी है जो कैदियों के अलावा पुलिसकर्मियों को भी दिए जाते हैं। साथ जेल में सेनेटाइजर की भी व्यवस्था की गई है। कोरोना के कारण जेल में कैदियों को परिवारजनों से मिलने पर पाबंदी लगी हुई है। जेल प्रशासन ने कोरोना के खतरे को देखते हुए बाहर से सामान मंगवाना भी बंद कर दिया था लेकिन दो महीने से ज्यादा के लॉकडाउन के बाद मूलभूत सुविधाओं की कमी होने लगी है। जिसके बाद पूर्ण सावधानी के साथ आवश्यक वस्तुएं बाहर से मंगवाई
जाएगी।
