इंदौर। नगर निगम चुनाव में महापौर पद इंदौर में सामान्य वर्ग हुआ है । यह भी लाजमी है की पुर्व महापौर मोघे जी को उनकी कार्य कुशलता व पुराने अनुभव का लाभ मिल जाएं क्यो की मोघे जी की परिषद में किसी भी प्रकार का विवाद नही रहा है सभी से तालमेल कर एक अच्छी परिषद मोघे जी के कार्यकाल में रही थी ।
भाजपा की इतनी भीड के चलते इंदौर और भोपाल में टिकिट तय होना बडा ही मुश्किल है जो भी टिकिट तय होगा वह दिल्ली में ही होगा । दिल्ली के वरिष्ठ नेताओ से मोघे जी संबंध भी अच्छे है । पीएम मोदी मोघे जी की उम्मीदवारी को पहले तज्जवो देंगे ही । ग्वालियर का उदाहरण भाजपा अगर देखती है तो वहां 2 बार एक ही उम्मीदवार महापौर रहा है ।
