2020 मे पुलिस ने अपने कर्तव्य निर्वहन के साथ साथ कई आपराधिक मामलो का सफलतापूर्वक सामना किया

By Abhishek Raghuvanshi
6 Min Read

वर्ष 2020 देश और दुनिया के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन इंदौर पुलिस के लिए यह वर्ष उपलब्धियों भरा रहा .इंदौर पुलिस का दावा है कि इस वर्ष में उन्होंने ना सिर्फ ऑर्गेनाइज क्राइम की कमर तोड़ी ,बल्कि देश के एक बड़े नेटवर्क को भी बेनकाब किया. ड्रग माफिया और देह व्यापार से जुड़े लोगों का खुलासा करते हुए उन पर लगाम लगाई. हालांकि अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए कुछ पुलिसकर्मी, कोरोनावायरस चपेट में आने से शहीद भी हुए ,और 400 से ज्यादा पुलिसकर्मी संक्रमित हुए.

वर्ष 2020 की शुरुआत सभी के लिए चुनौतीपूर्ण रही. वर्ष के शुरुआती दौर में ही कोरोना संक्रमण का खतरा देश-दुनिया पर मंडरा रहा था. इंदौर की बात करें तो, इंदौर में भी लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही थी, जिसके चलते केंद्र सरकार ने 24 मार्च को लॉक डाउन की घोषणा की .इस संक्रमण काल में जहां लोग अपनी जान बचाने के लिए अपने घरों में बैठे थे, वही कुछ संस्थाएं इस संक्रमण काल में अपना फर्ज निभा रही थी. जिनमें अस्पतालों के डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, पुलिसकर्मी ,सफाई कर्मचारी और मीडिया अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए लगातार कार्य कर रही थी. इनमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका डॉक्टरों के साथ-साथ पुलिस की भी रही. पुलिस ने इस संक्रमण काल में अपने ड्यूटी के अलावा भी कई कार्य किए, जिनमें संक्रमित क्षेत्रों में दिन रात ड्यूटी पर तैनात रहना, साथ ही शहर में सीनियर सिटीजन की आवश्यकताओं को पूरा करना भी था. पुलिस ने इन लोगों के लिए घर पहुंच सेवाएं दी .संक्रमण काल के दौरान सबसे बड़ी चुनौती थी प्रवासी मजदूरों का अपने घर को लौटना .इंदौर पुलिस ने प्रवासी मजदूरों के लिए इंदौर के बाईपास पर व्यवस्था उपलब्ध कराई जिनमें सामाजिक संगठनों के साथ तालमेल कर भोजन की व्यवस्था और अति आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के साथ-साथ प्रवासी मजदूर मध्य प्रदेश से सुरक्षित बाहर अपने राज्यों की तरफ बढ़े इसकी व्यवस्था करना महत्वपूर्ण था.

कोरोना काल के साथ-साथ पुलिस ने ऑर्गेनाइज क्राइम को अपनी एक अहम चुनौती मानते हुए उस पर फोकस किया .जिसके चलते पुलिस ने कई हत्याकांड के आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा ,और हत्यारों के बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया. ऑर्गेनाइज्ड क्राईम पर नियंत्रण के साथ-साथ करीब 100 से ज्यादा अवैध हथियारों को जब कभी किया, जिसके चलते शहर में कोई भी बड़ी अपराधिक घटना हथियारों के साथ नहीं हो पाई .पुलिस ने इस मामले में कई सिकलीकरो को गिरफ्तार भी किया, साथ ही पुलिस ने हत्याकांड में लिप्त ऐसे अपराधियों को पकड़ा जो सुदूर गांव में जाकर छुपे बैठे थे .जिसमें शिवसेना प्रमुख रमेश साहू हत्याकांड प्रमुख था. इस जघन्य हत्याकांड के आरोपियों को क्राइम ब्रांच के asp राजेश दंडोतिया व उनकी टीम द्वारा बड़ी सुजबुझ के साथ आरोपियों को पकड़ा

वही इस वर्ष इंदौर से फर्जी एडवाइजरी कंपनियों भी पुलिस के डर से भाग खड़ी हुई क्यो की क्राइम ब्रांच asp राजेश दंडोतिया व उनकी टीम ने लगभग 70 से अधिक फर्जी एडवाजरी कंपनियों पर कार्यवाहियां की थी

- Advertisement -

इंदौर पुलिस ने एरोड्रम थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मी और उनकी पत्नी की हत्या करने वाले आरोपियों को भी 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार किया.

पुलिस ने सट्टे के अवैध व्यापार के नेटवर्क को भी ध्वस्त किया. सट्टे के अवैध व्यापार पर अंकुश लगाते हुए 2 करोड़ से अधिक का सट्टा पकड़ा, और कई बड़े सटोरियों को बेनकाब किया. पुलिस की मानें तो इस कार्रवाई से सट्टा व्यापार की कमर टूट गई थी

पुलिस ने 2020 में देह व्यापार में लिप्त लोगों को सलाखों के पीछे भेजा., जिसमें बांग्लादेशी देह व्यापार से जुड़ी महिलाओं को मुक्त कराना और इस पूरे रैकेट का पता लगाना चुनौतीपूर्ण रहा. पुलिस ने ड्रग माफियाओं के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की .ड्रग्स और देह व्यापार को संयुक्त रूप से संचालित करने वाले 16 से अधिक अपराधियों की गिरफ्तारी कर उनके इस गोरख धंधे को बेनकाब किया और पुलिस अभी भी ड्रग माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है.

पुलिस का मानना है कि 2020 में कोरोना के दौरान ड्यूटी पर लगे उनके कुछ पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए शहीद भी हुए और 400 से ज्यादा पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित भी हुए लेकिन इस सब के बावजूद भी पुलिस के उत्साह में कोई कमी नहीं देखी गई पुलिस का मानना है कि आपने कर्तव्य का निर्वहन करने की पूरी कोशिश की गई है पुलिस ने अपनी ड्यूटी के अलावा कई सामाजिक कार्य भी किए जिनमें सड़कों पर कोरोना के बचाव के लिए समझाइश देना और मास्क सैनिटाइजर जैसे वस्तुओं का निशुल्क वितरण करना उल्लेखनीय रहा

Exit mobile version