एम .पी. ऑनलाइन के कियोस्क से लोन फार्म जमा कर प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के मुद्रा लोन की सबसिडी के रूपयों का गबन करने वाले आरोपी यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया के सहायक ब्रांच मैनेजर अरूण जैन राज्य सायबर सेल, इन्दौर की गिरफ्त में।
- फर्जी सबसिडी वाले मुद्रा लोन करने के लिये अन्य जगहो पर आवेदक को ले जाकर फर्जी स्वरोजगार चलाने के सत्यापन की रिपोर्ट तैयार करता था, आरोपी सहायक ब्रांच मैनेजर।
- आरोपी सहायक ब्रांच मैनेजर द्वारा और कई फर्जी लोन करवाये गये है, पूछताछ जारी है।
- यूनियन बैंक आॅफ इंडिया की अलग-अलग ब्रांचों द्वारा जारी किये गये अन्य फर्जी कई लोनों की कर रही है, राज्य सायबर सेल जाॅच।
- गिरफ्तारी के डर से आरोपी सहायक ब्रांच मैनेजर कई महिनों से चल रहा था, फरार।
- राज्य सायबर सेल, इन्दौर द्वारा फरार आरोपी सहायक ब्रांच मैनेजर पर किया था, 10000/- रूपये का ईनाम।
- लाॅकडाउन के कार्यकाल में राज्य सायबर सेल की टीम द्वारा फरार आरोपी की गिरफ्तारी हेतु राज्य से बाहर जाकर की गई थी, तलाश।
- राज्य सायबर सेल की जाॅच में हुआ सनसनीखेज खुलासा। आरोपी विशाल डांगी के बैंक खाते में आये 09 लोगों के लोन के 63 लाख रूपये लोन धारकों को लोन लिये जाने की कोई जानकारी नही दी।
- पूर्व में गिरफ्तार पाॅच आरोपी अभी भी जेल में है, निरूध्द।
- आरोपी सहायक ब्रांच मैनेजर का लिया गया है, 05 दिवस पुलिस रिमाण्ड।
- पूर्व में गिरफ्तार आरोपी गण आवेदक को सबसिडी वाला लोन दिलाने का झांसा देकर प्राप्त किये थे, पहचान पत्र एवं दस्तावेज।
- पूर्व में गिरफ्तार आरोपी गण आवेदक के प्राप्त पहचान पत्र एवं दस्तावेज से फर्जी रेंट एग्रीमेंट व व्यवसायिक लायसेंस बनाकर करते थे सबसिडी का गबन।
- सबसिडी वाले लोन प्राप्त करने के लिये फर्जी कोटेशन व इनवाइस बनाकर आॅनलाइन अपलोड कर देते थे, पूर्व में गिरफ्तार आरोपी गण।
- आरोपी अरूण जैन द्वारा सबसिडी की राशि को छोडकर शेष राशि लोन चुकता होने के लिये पुनः करा देता था बैंक में जमा।
- पूर्व में गिरफ्तार आरोपी गण कोटेशन व इनवाइस बिल देने के लिये बनाते थे फर्जी फर्मे, आरोपी अरूण जैन जारी करता था, फर्जी फर्मो के नाम पर लोन की डी0डी0।
- आरोपी अन्य आरोपी गणोें के साथ मिलकर लोन की राशि लेने के लिये खुलवाते थे, दूसरी बैंकों में फर्जी फर्म के नाम पर करन्ट खाता।
- इस तरह के लोन आवेदन के लिये मदद कर रहे थे, कियोस्क संचालक पूर्व में ही गिरफ्तार हो चुका है, आरोपी दीपक पवार।
- फर्जी फर्मो के नाम से फर्जी गुमास्ता/व्यवसायिक लायसेंस बनाने में मदद कर रहे है, नगर निगम के दलाल।
- बैंक अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध पायी जाने से उनके विरूध्द भी की जायेगी वैधानिक कार्यवाही।
- बिना किसी व्यवसायिक वजूद के शासन की बेरोजगारों को दी जा रही सबसिडी वाली प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का हो रहा धडल्ले से दुरूपयोग।
- आरोपी गणों द्वारा फर्जी दस्तावेजों को तैयार करने में किया जा रहा है, तकनीकी संसाधनों का दुरूपयोग।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री मिलिन्द कानस्कर द्वारा आर्थिक अपराधों में तकनीक के दुरूपयोग के तत्काल निकाल करने के संबंध में हाल ही दिये गये निर्देशों के पालन में की गई कार्यवाही में राज्य सायबर सेल इन्दौर पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र सिंह के द्वारा बताया गया कि फरियादी शैलेन्द्र शर्मा पिता श्री राजेन्द्र शर्मा निवासी- 2716, ई- सेक्टर, सुदामा नगर, इन्दौर के द्वारा आवेदक के दस्तावेजों का दुरूप्योग कर बैंक में खाता खुलवाकर फर्जी तरीके से लोन प्राप्त करने के संबंध में शिकायत की गई थी। शिकायत की जाॅच पर से अपराध क्रमांक 47/2020 धारा 419, 420, 467, 468, 471, 406, 409, 201, 34 भादवि एवं 66सी, 66डी आइटी एक्ट का अपराध पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया। जिसकी विवेचना हेतु एक टीम निरीक्षक अम्बरीश मिश्रा, प्र0आर0 रामप्रकाश बाजपेई एवं आर0 रमेश भिडे की गठित की गई।
दौराने विवेचना फरियादी के द्वारा दिये गये मोबाइल नम्बर के आधार पर उसके बैंक अकाउण्ट की जानकारी प्राप्त कर एवं उस पर प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत आवेदक के नाम से आरो चिल्ड वाटर का सामान खरीदने के लिये सात लाख रूपये का सबसिडी वाला मुद्रा लोन पाया गया। जिसमें संलग्न दस्तावेजों की जाॅच करने पर पाया गया कि आवेदक के नाम से स्कीम नम्बर 71 दस्तूर गार्डन के पीछे शैलेन्द्र चिल्ड वाटर के नाम से फर्जी रेन्ट एग्रीमेंट तैयार कर व आवेदक के नाम का वाॅटर का प्लान्ट का नगर निगम से व्यवसायिक लायसंेस बनवाकर आवेदक के बैंक खाते में सबसिडी वाला सात लाख रूपये का मुद्रा लोन प्राप्त किया गया है। जिसकी उच्च तकनीकी जाॅच एवं सूक्ष्म विश्लेषण की जाकर पतारसी की गई, तो पता चला कि आरोपी गणो द्वारा आवेदक के दस्तावेज व फोटो प्राप्त कर उसके बाद उन दस्तावेजों के आधार पर फर्जी रेन्ट एग्रीमेंट तैयार कर व आवेदक के नाम का चिल्ड वाटर आरो प्लान्ट का नगर निगम से व्यवसायिक लायसेंस बनवाकर एम0पी0 आॅनलाइन कियोस्क सेंटर पर जाकर आवेदक के नाम से लोन आवेदन भर कर उसको डी0आई0सी0 को अग्रेषित करवाया गया। डी0आई0सी0 से अग्रेषित होने के बाद लोन के फाइल आवेदक के खोले गये बैंक खाते की ब्रांच में आ गई। जहाॅ लोन आॅफिसर अरूण जैन से मिलकर आवेदक के नाम से आरो चिल्ड वाटर के सामान का फर्जी कोटेशन अवतार स्पेयर सेंटर के नाम से दिया गया। उसके बाद आरोपी गणो द्वारा आवेदक के खाते में अपने बैंक खाते से पाॅच लाख रूपये का ट्रांसफर कर आवेदक के नाम से एफ0डी0 करवायी गयी, उसके बाद जब लोन की सात लाख रूपये की राशि संबंधित बैंक में आवेदक के लोन एकाउण्ट में आ गयी तो आरोपी गणों द्वारा अवतार स्पेयर सेंटर का इनवाइस जमा कर बैंक से अवतार स्पेयर सेंटर के नाम का सात लाख रूपये का डी0डी0 प्राप्त कर लिया गया। डी0डी0 प्राप्त करने के बाद आरोपी गणों द्वारा अपने परिचित विशाल डांगी के करन्ट बैंक खाते जो कि अवतार स्पेयर सेंटर के नाम से ही खुलवाया गया था, में जमा करवाकर विशाल डांगी से आरोपी पिन्टू कजरे के द्वारा फर्जी फर्म रामेश्वर इन्टरप्राइजेस के नाम से खुलवाये गये करन्ट बैंक खाते में चेक के माध्यम से ट्रांसफर करवा लिये गये। मंजूर शुदा फर्जी सबसिडी वाले मुद्रा लोन के पाॅच लाख रूपये आरोपी पिन्टू कजरे के द्वारा फर्जी फर्म आस्था इन्टरप्राइजेस के नाम से खुलवाये गये करन्ट बैंक खाते से चेक के माध्यम से आवेदक शैलेन्द्र शर्मा के लोन अकाउण्ट में ट्रांसफर किये गये। उसके बाद बचे हुए सबसिडी के दो लाख रूपये आरोपी गणों महेश दुबे, पिन्टू कजरे, सोनू उर्फ सोहन पवार, विशाल डांगी, अरूण जैन द्वारा सबसिडी की राशि आपस में बाट लिये गये। आरोपी गणों द्वारा अन्य करवाये गये प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के सबसिडी वाले मुद्रा लोनों की राज्य सायबर सेल, इन्दौर के द्वारा जाॅच की जा रही है।
पूर्व में गिरफ्तार आरोपी महेश दुबे पिता श्री सुरेश दुबे निवासी- 56/3, माली मोहल्ला, एम0ओ0जी0 लाइन, इन्दौर (म0प्र0) ने आवेदक से लिये थे, लोन कराने के संबंध में दस्तावेज और कम्प्यूटर आॅपरेटर आरोपी दीपक पवार के माध्यम से बनवाया गया था, आवेदक के नाम शैलेन्द्र चिल्ड वाॅटर की फर्जी फर्म का रेंट एग्रीमेंट।
पूर्व में गिरफ्तार आरोपी पिन्टू कजरे पिता श्री गौरीशंकर कजरे निवासी- 34, के0ए0 स्कीम नम्बर 71, गुमास्ता नगर नियर पावर हाउस, इन्दौर (म0प्र0) द्वारा अपनी फर्जी फर्म आस्था इन्टरप्राइजेस के नाम से खुलवाये गये करन्ट बैंक खाते से आवेदक शैलेन्द्र शर्मा के बैंक खाते में लोन राशि चुकाने के लिये किया गया था, पाॅच लाख रूपये का ट्रांसफर। आरोपी सहायक ब्रांच मैनेजर /लोन अधिकारी की सहायता से आवेद के नाम की फर्जी फर्म शैलेन्द्र चिल्ड वाॅटर के नाम पर मंजूर फर्जी सबसिडी वाला सात लाख रूपये लोन की राशि जो कि यूनियन बैंक आॅफ इंडिया ब्रांच स्कीम नम्बर 54 विजय नगर इन्दौर के द्वारा डिमाण्ड ड्राफ्ट के माध्यम से फर्जी फर्म अवतार स्पेयर सेंटर जिसका प्रोपराइटर आरोपी विशाल डांगी के करन्ट बैंक खाते जो इन्दौर प्रिमियर को-आॅपरेटिव बैंक की ब्रांच अन्नपूर्णा इन्दौर में खुलवाया गया था, में आरोपी पिन्टू कजरे के द्वारा आरोपी विशाल डांगी के साथ मिलकर आरोपी विशाल डांगी के बैंक खाते में ट्रांसफर करवाया गया।
पूर्व में गिरफ्तार सोहन उर्फ सोनू पवार पिता स्व0 श्री मुन्नालाल पवार निवासी- 328, प्रजापत नगर, फुटी कोठी, टोनी मेमोरियल स्कूल के पास, इन्दौर (म0प्र0) द्वारा आरोपी पिन्टू कजरे, महेश दुबे व अरूण जैन के साथ मिलकर फर्जी सबसिडी वाले मुद्रा लोन करवाने में भूमिका रही है, एवं आरोपी सोहन उर्फ सोनू पवार द्वारा फरियादी शैलेन्द्र शर्मा के नाम की फर्जी फर्म शैलेन्द्र चिल्ड वाॅटर का नगर निगम का व्यवसायिक लायसेंस महाराणा प्रताप झोन 04 संगम नगर से बनवाया गया।
पूर्व में गिरफ्तार आरोपी दीपक पवार पिता श्री गणपत पवार निवासी- 120, डायमण्ड पैलेस, धार रोड इन्दौर (म0प्र0) द्वारा आरोपी पिन्टू कजरे के कहने पर एम0पी0 आॅनलाइन कियोस्क सेंटर चैहान कम्प्यूटरर्स से आरोपी पिन्टू कजरे के कहने पर फर्जी सबसिडी वाले लोन फार्म लोन आवेदक की अनुपस्थिति में आॅनलाइन भरकर और फार्म को जिला उद्योग केन्द्र को फाॅरवर्ड करता था। दीपक पवार के कथन के मुताबिक दीपक ने आरोपी पिन्टू कजरे के कहने पर करीब 40-45 फर्जी लोन आवेदन भरे है।
पूर्व में गिरफ्तार आरोपी विशाल डांगी पिता श्री रूपसिंह डांगी निवासी- ग्राम बामोरी साला तहसील सिरोंज जिला विदिशा म0प्र0 वर्तमान पता- 34, के0ए0 गुमास्ता नगर, इन्दौर (म0प्र0) के द्वारा इन्दौर प्रिमियर को-आॅपरेटिव बैंक ब्रांच अन्नपूर्णा इन्दौर में फर्जी फर्म अवतार स्पेयर सेंटर के नाम से खुलवाये गये बैंक खाते में आरोपी पिन्टू कजरे के सहयोग से आवेदक शैलेन्द्र शर्मा का फर्जी सबसिडी वाले सात लाख रूपये के लोन का डिमाण्ड ड्राफ्ट अपने बैंक खाते में विड्रोल किया गया एवं अपने बैंक खाते से चेक के माध्यम से आरोपी पिन्टू कजरे के बैंक खाते में ट्रांसफर किया एवं विवेचना में आरोपी विशाल डांगी के उपरोक्त फर्जी बैंक खाते में कुल 09 फर्जी लोनों के 63 लाख रूपये आना पाये गये। जिसकी विवेचना जारी है।
उक्त प्रकरण की विवेचना में सहयोग करने के लिये एक टीम गठित की गई, जिसमें निरीक्षक अम्बरीश मिश्रा, उप निरीक्षक विनोदसिंह राठौर, प्र0आर0 रामप्रकाश बाजपेई, रामपाल, आर0 रमेश भिडे, विशाल महाजन की सराहनीय भूमिका रही।
