सदियो से चली आ रही दहेज प्रथा को राजपूत समाज ने बंद करने के लिए कदम उठाए

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर जिले की सांवेर तहसील में राजपूत समाज ने जैसे दहेज प्रथा को खत्म करने का मन बना लिया है, जहा एक सप्ताह में बिना दहेज का दूसरा विवाह सम्पन्न हुआ।

साँवेर तहसील के ग्राम सोलसिंधा के रहने वाले काश्तकार किसान कमलसिंह पवार व लाखन सिंह पवार ने अपनी बेटी की शादी की तो देवास के बारोड़ पिपलिया के रहने वाले उनके समधि शेर सिंह पंवार ने दहेज लेने से इनकार कर दिया, जहा कमल सिंह व लाखन सिंह ने प्रण लिया कि हम दहेज नही दे रहे है तो भविष्य में परिवार के लड़कों की शादी में हम भी दहेज नही लेंगे, ऐसी प्रेरणा के साथ दहेज प्रथा के खिलाफ साँवेर तहसील में बिगुल बज चुका है। इस दौरान कमलसिंह ने कहा कि बेटी रानू कुंवर और कुलदीप सिंह के विवाह की बात के दौरान उन्होंने , शादी के समय 11 लाख नगद व कुछ ज्वेलरी, व अन्य सामग्री दहेज में देने का प्रस्ताव रखा तो बारोड़ पिपल्या देवास के रहने वाले उनके समधिजी ने सब कुछ लेने से साफ तौर पर इनकार कर दिया और बोले कि हम सिर्फ लक्ष्मी रूपी कन्या आपके घर से ले जाएंगे, वही भावुक होते हुए कमल सिंह ने भी रिश्ते को मंजूरी दी ओर, दोनों परिवारो ने दहेज प्रथा के खिलाफ जंग छेड़ दी।
वही बिना दहेज के इस विवाह समारोह में कोरोना की गाइडलाइन का पालन भी किया गया, जिसमे सोसल डिटनसिंग, के साथ सेनेटाइजर व मास्क वितरित किये गए । आयोजन में दहेज प्रथा के खिलाफ जगह जगह बेनर पोस्टर लगाए गए, जिसमे सभी से दहेज न लेने की गुजारिश की गई। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने किया दोनों समधियों को किया सम्मानित भी किया।आयोजन में मुख्य रूप से कमलसिंह पंवार व उनके समधी शेर सिंह पंवार को समाज के इंदौर जिला अध्यक्ष दुलेसिंह राठौर, साँवेर तहसील अध्यक्ष धनसिंह तंवर, देवास जिला अध्यक्ष कल्पना सिंह तंवर व अन्य लोगो ने सम्मानित किया।
इस दौरान मौके पर कमलसिंह सोलंकी, लाखन चौधरी, कृष्णपाल सिंह चौधरी, जगदीश सिंह कच्छावा, दिलीप सिंह कच्छावा, महेंद्र सिंह कच्छावा, धर्मेंद्र सिंह कच्छावा, नरेंद्र सिंह पटेल विशेष रूप से मौजूद रहै।

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