हर वर्ष की तरह इस बार भी बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय अपनी पुश्तेनी किराना दुकान पर बैठे और ग्राहकों को समान दिया,साथ ही उन्होंने दुकान की तारीफ करते हुए कहा कि पूरे घर परिवार का आर्थिक बोझ यही दुकान उठती है इसलिए हम इसके ऋणी है, ,,, हाउसवाइफ के लिए चुनौती भरा वर्ष रहा इस बार लेकिन लोगों के त्यौहार मनाने उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आई लोगों की क्रय शक्ति जरूर कम हुई कोविड-19 के चलते 2020 में फैले कोरोना के चलते इस वर्ष त्यौहार में असर पड़ता है लेकिन उत्साह करता हु धार्मिक परम्परा है उसके विपरीत परिस्थितियों में भी त्यौहार मनाया जा रहा है उसकी में प्रशंसा करता हु। इस दौरान बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने देशवासी प्रदेश वासी और इंदौर वासियों को धनतेरस और दीपावली की शुभकामनाएं दी।
इस दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने अन्य राजनीति मुद्दों पर भी अपनी राय रखी ओर पत्रकरो का बताया कि, बंगाल में लगातार हत्याएं हो रही है कल प्रदेश अध्यक्ष पर भी हमला हुआ है इस तरह की राजनीतिक पश्चिम बंगाल में हो रही है जिस पर प्रधानमंत्री ने चिंता जताई है प्रजातंत्र में हिंसा का जवाब हिंसा से नहीं दिया जाता है पर ऐसे हिंसक मानसिकता को समाप्त करने के लिए बलिदान भी देना पड़ता है जैसा कि प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा देश के विकास के लिए भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र देश है जब तक बंगाल में हिंसा समाप्त नहीं होती तब तक हमारा मिशन अधूरा रहेगा,इस तरह की राजनीति से देश की बदनामी होती है।
आने वाले चुनाव में बीजेपी को पश्चिम बंगाल की जनता आशीर्वाद देगी और एक बड़ा बदलाव पश्चिम बंगाल में देखने को मिलेगा ।
मध्यप्रदेश 28 सीटो के उपचुनाव की जीत को लेकर राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि कमलनाथ ने मध्य प्रदेश की जनता को धोखा दिया है उस धोखे का जवाब जनता ने दिया दूसरा कारण हमारे यहां संस्कार और संस्कृति वाली राजनीति रहती है कभी हल्के शब्दों का प्रयोग राजनीतिक में नहीं हुआ है मेरे 40 वर्ष के अनुभव में एक मुख्यमंत्री दूसरे मुख्यमंत्री को नालायक कहे ऐसे शब्दों का उपयोग करें जो मुख्यमंत्री की गरिमा के अनुरूप नहीं है इससे सभी राजनीतिक को सबक लेना चाहिए कम से कम मध्य प्रदेश की यह मर्यादा रही है इंदौर में संस्कार की राजनीतिक होती है,,, हमने कभी भी शब्दों की दरिद्रता विपक्ष के लिए भी नहीं की लेकिन पिछले उपचुनाव के दौरान वाक युद्ध जो हुआ वह राजनीति को शर्मसार करने वाली थी जिसको प्रदेश की जनता ने जवाब दिया हारी हुई सीटो की समीक्षा करेंगे लेकिन अगर उपचुनाव को लेकर थोड़ा सा कड़ा संघर्ष होने के चलते डबरा में सामाजिक समीकरण के चलते हालात बिगड़े और हम हार गए लेकिन जल्द ही सभी कार्यकर्ताओं से बैठक कर समीक्षा की जाएगी।
कमलनाथ को लेकर कहा कि जनता ने उन्हें छोड़ दिया है भले ही वह मध्यप्रदेश में रहे मध्य प्रदेश बड़े दिलवाले का प्रदेश है वहां हर कोई रह सकता है जनता ने उन्हें नकार दिया है,,,, बराक ओबामा ने कहा कि राहुल गांधी अपरिपक्व नेता है राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि राहुल गांधी को कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को भी विश्वास नहीं है,,,
कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि अभी बिहार के चुनाव में तेजस्विनी की सरकार नहीं बनी जिसका जिम्मेदार कांग्रेस पार्टी है देश का सवाल आता है तो देश के सम्मान की चिंता कांग्रेस नही करती है बल्कि राहुल गांधी ऐसे बयान देते हैं जो हमारे विरोधी देश को पसंद आते हैं । वही कमलनाथ के हनुमान चालीसा को लेकर कहा कि हनुमान चालीसा पढ़ने में ओर पूजा करने के नाटक में दोनों में अंतर होता है।
कंप्यूटर बाबा को लेकर सवाल पर बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करूंगा क्योंकि मेरी धर्म गुरु के प्रति आस्था होती है कभी-कभी अतिरिक्त धार्मिक गतिविधियों के चलते राजनीतिक गतिविधियां ज्यादा हो जाती तो इस तरह के परिणाम होते हैं मेरा मतलब यह नहीं है कि धर्म गुरुओं को राजनीतिक नहीं करना चाहिए लेकिन राजनीति में उनकी भूमिका होना चाहिए पर एक मर्यादित हो।
दिग्विजय सिंह को लेकर कहा कि उन्होंने उसका मिस यूज किया जीतू पटवारी को लोग ढूंढ रहे हैं उन्होंने सोशल मीडिया में अपने वीडियो को लेकर हाटपिपलिया 25000 वोटों से जीतने को लेकर जीत का अहंकार बताया,,, कैलाश विजवर्गीय ने बिहार में कांग्रेस के नेताओं ने इंकार कर दिया था कि राहुल गांधी की सभा बिहार में नहीं चाहिए चिराग पासवान ने भी प्रचार के लिए राहुल गांधी को नहीं बुलाया अपने लूटा डुबोने का डर के चलते,,,वही पश्चिम बंगाल में लेफ्ट के पास नई लीडरशिप नहीं है और युवाओं में लेफ्ट के प्रति आकर्षण भी नहीं है साधारणतया विदेश की राजनीतिक में अपने देश के नेता का जो भूमिका रहती है वह सिर्फ इतनी ही रहती है कि वह हमारे मित्र हैं बहुत ज्यादा वोट को प्रभावित करना भी कोई उद्देश्य नहीं है बहुत सारे कारण चुनाव को हारने और जीतने के होते हैं उसमें बड़ी संख्या में ट्रंप के विरोध में वोट किए।
