इंदौर में देवउठनी ग्यारस के मोके पर जहा कई जगह शनाइया बजी और कोरोना की गाइडलाइन का पालन करते हुवे सहाडीया सम्पन्न हुई वही इंदौर में एक जगह बाल विवाह की सुचना मिलने के बालविवाह विरोधी दस्ता माइक पर पंहुचा और शादी रुकवाई।वही परिजनों को चेतावनी दी की अगर 18 वर्ष से पहले शादी कराइ टी सख्त कार्यवाई की जाएगी।
इंदौर में बुधवार को कोरोना काल की पहली देवउठनी ग्यारस हर उस परिवार के लिए यादगार बन गई जिनके घर शादी की शहनाई बजी। जो शादी की हर रस्में बड़ी धूमधाम से होती थीं वह बुधवार को रैपिड एक्शन मोड में नजर आईं। अधिकांश परिवारों ने शाम की जगह सुबह बैंड-बाजों के साथ बारात निकाली। शाम या रात को होने वाले सात फेरे, सुरुचि भोज व अन्य रस्में कई जगह तो दोपहर में संपन्न हो गईं। वहीं बड़े गार्डन और होटल की शादियों में 4 बजे से बारात निकली। छह बजे से रिसेप्शन हुआ। 10 बजने से पहले समापन हो गया।वही सनगम नगर के लाभगंगा गार्डन में बाल विवाह होने की सूचना बाल विवाह विरोधीओ दस्ते को मिली सूचनापर मोके पर पहुंची टीम जब लड़की के परिजनों से लड़की की आयु सम्बंधित दस्तावेज़ मांगे तो उसके पास कोई दस्तावेज नहीं मिले जिसपर टीम ने लड़की से पूछताछ तो पता चला की लड़की काजन्म 2003 में हुवा था यूसके हिसाब से लड़की की उम्र १६ साल हे जिसपर टीम शादी रुकवाई हलाकि परिजनों ने पहले इसका विरोध किया फिर बाद में शादी रोक दी बतया जा रहा की लड़की इंदौर के गोविन्द नग्गर खरचा की रहने वाली थी और बरात ृरूपराम नगर से आई थी वही टीम ने इसकी सुचना एसडीएम और सम्बंधित थाने को भी दी ताकि टीम के जाने बाद परिजन शादी ना करवा सके जिस पर पुलिस उनपर नजर बनाये रखे..
