Fight Against COVID-19: भोपाल और जबलपुर में निजी वाहनों की आवाजाही पर रोक

By Abhishek Raghuvanshi
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कोरोना वायरस के संक्रमण से कैदियों को बचाने के लिए शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा फैसला किया है. (फाइल फोटो)

Coronavirus के संक्रमण को देखते हुए भोपाल और जबलपुर जिला प्रशासन ने निजी वाहनों पर रोक लगा दी है.

भोपाल.  मध्‍य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के कुल 111 सैम्पल लिए गए, जिनमें से 86 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है. तीन सैम्पल COVID-19 पॉजिटिव पाए गए हैं. इसके अलावा तीन सैम्पल रिजेक्ट हुए हैं, तो 19 की रिपोर्ट आना अभी बाकी है. इसके बाद ही प्रदेश में सख्ती के साथ कई नियम लागू कर दिए गए हैं. लॉकडाउन को प्रभावी बनाने के लिए भोपाल और जबलपुर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते मंगलवार से निजी दो पहिया और चार पहिया वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी है.ऐसे में नागरिक ज़रूरी चीजों की खरीदारी के लिए पैदल ही निकल सकेंगे. दरअसल, कई इलाकों से शिकायत आ रही थी कि लोग लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन नहीं कर रहे हैं और अपने घरों से घूमने के लिए निकल रहे हैं. इसके अलावा कोरोना पॉजिटिव मरीजों के घर के 3 किलोमीटर का दायरा कंटेन्मेंट जोन होगा, जिसमें कोई भी व्यक्ति आ और जा नहीं सकेगा. कोरोना को लेकर की गई सख्ती के तहत भोपाल शहर को 4 जोन में बांट दिया गया है. यह व्यवस्था इंदौर के तर्ज पर की गई है.चार और दो पहिया वाहनों पर भी प्रतिबंध
जानकारी के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति एक जोन से दूसरे जोन में नहीं जा सकेगा. इसके अलावा भोपाल शहर में चार और दो पहिया वाहनों पर भी प्रतिबंध रहेगा. ऐसे में वाहन पकड़े जाने पर जब्ती के साथ लाइसेंस भी निरस्त कर दिए जाने के आदेश हैं. शहर में शाम 8:00 बजे से बड़े वाहनों की एंट्री पर भी रोक लगा दी गयी है. ऐसे में रात 12:00 बजे से पहले किराना और जरूरत के सामान के ट्रक रवाना कर दिए जाएंगे. नई व्यवस्था 14 अप्रैल तक लागू रहेगी.कोरोना सैंपल जांच की क्षमता बढ़ी
बता दें कि प्रदेश में कोरोना सैंपल जांच की क्षमता बढ़ा दी गयी है. एम्स में अब हर दिन 200 से ज्यादा सैम्पल की जांच होगी जिसमें अभी तक 60 सैंपल की जांच हो रही थी. इसके साथ ही प्रदेशभर की पांच लैब में भी सैम्पलों की जांच की क्षमता बढ़ाई गयी है. ऐसे में जहां पहले 260 सैंपल की जांच होती थी, वहीं अब 400 सैंपल की जांच होगी.शिवराज सरकार ने बढ़ाया हाथ
वहीं इस संकट की घड़ी में निर्माण श्रमिकों को मदद देने के लिए शिवराज सरकार ने हाथ बढ़ाया है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को मंत्रालय में एक क्लिन के जरिए ऐसे सभी रजिस्टर्ड श्रमिकों के खाते में एक साथ प्रति श्रमिक के हिसाब से एक हजार रुपए ट्रांसफर किए. ये राशि सभी श्रमिकों के खाते में 31 मार्च तक जमा हो जाएगी.
88 करोड़ 50 लाख 89 हज़ार रुपए ट्रांसफर
दरअसल शिवराज सरकार ने श्रमिकों के खाते में एक हजार रुपए ट्रांसफर करने का ऐलान किया था. इसी के तहत सोमवार को सीएम शिवराज सिंह चौहान ने रजिस्टर्ड भवन संनिर्माण श्रमिकों के खाते में राशि ट्रांसफर की. सीएम शिवराज ने सिंगल क्लिक के जरिए 8 लाख 85 हजार 89 मजदूरों के खातों में प्रति श्रमिक के खाते में रुपए जमा किए. इस हिसाब से सभी श्रमिकों के खातों में कुल 88 करोड़ 50 लाख 89 हज़ार रुपए ट्रांसफर किए गए. ये राशि सभी श्रमिकों के खातों में एक दिन बाद ही जमा हो जाएगी. इस मौके पर श्रमिकों के नाम अपने संदेश में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि श्रमिक भाई बहन किसी तरह की चिंता न करें. सभी लॉकडाउन का पालन करें और घर में रहें. सरकार उनकी चिंता कर रही है.ये भी पढ़ें- COVID-19: विदेशी पर्यटकों के पास कैश की कमी, दिल्ली के कारोबारी कर रहे मददCOVID 19: सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए दिल्ली सरकार शुरू करेगी ऑनलाइन क्लास

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First published: March 31, 2020, 7:42 AM IST

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