राहत की ख़बर : शिक्षा विभाग का आदेश-फीस के लिए दबाव ना बनाएं स्कूल

By Abhishek Raghuvanshi
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स्कूल शिक्षा विभाग का आदेश-फीस के लिए दबाव ना बनाएं स्कूल

पालक महासंघ ने इस संबंध में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को चिट्ठी लिखी है. इसमें कहा गया है कि निजी स्कूलों को फीस माफ करने के लिए कहा जाए.

भोपाल. मध्य प्रदेश में चाहे एमपी बोर्ड (MP Board) के स्कूल हों या फिर सीबीएसई (CBSE),  आईसीएसई (ICSE) से सम्बद्ध शिक्षण संस्थान. कोई भी स्कूल प्रबंधन फीस जमा करने के लिए अभिभावकों पर किसी तरीके का दबाव नहीं बना सकते.स्कूल शिक्षा विभाग ने कोरोना के बीच जारी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए ये आदेश जारी कर दिए हैं.स्कूल शिक्षा विभाग का आदेश 
निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किया है. इससे स्कूलों पर सख्ती और अभिभावकों को राहत मिलेगी. विभाग ने अपने आदेश में कहा है किमध्य प्रदेश में सभी CBSE, ICSE से संबद्ध स्कूलों में बकाया फीस 30 अप्रैल तक जमा होगी. इस बीच कोई भी स्कूल प्रबंधन लेट फीस नहीं लेगा. विभाग ने इसके पीछे तर्क दिया है कि लॉक डाउन होने के कारण बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं. ऐसे में 30 अप्रैल तक स्कूल की फीस अभिभावक जमा कर सकते हैं. इस फीस को लेकर कोई भी स्कूल प्रबंधन अभिभावकों से लेट फीस नहीं ले सकेगा.केंद्र सरकार पहले ही इस संबंध में आदेश जारी कर चुका है. अभिभावक लगातार विभाग से शिकायत कर रहे थे कि उसके बाद भी कई प्राइवेट स्कूल उन पर फीस जमा करने के लिए दबाव बना रहे हैं. जबकि लॉक डाउन के कारण शासन पहले 14 अप्रैल तक स्कूलों की छुट्टी घोषित कर चुका है.पालक महासंघ ने cm को लिखी चिट्ठी
पालक महासंघ ने इस संबंध में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को चिट्ठी लिखी है. इसमें कहा गया है कि निजी स्कूलों को फीस माफ करने के लिए कहा जाए. पालक संघ ने कहा है कि लॉक डाउन के कारण बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं. इसलिए उनकी फीस माफ करनी चाहिए.ये भी पढ़ें-ईरान-इटली में फंसे MP के 500 लोगों को भोपाल में क्वारेंटाइन करने की तैयारी
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First published: March 31, 2020, 2:02 PM IST

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