कोरोना के चलते चर्च प्रबंधनों ने कोविड नियमों का पालन करते ही क्रिसमस मनाने का निर्णय लिया

By Abhishek Raghuvanshi
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कोरोना का असर इस साल पडऩे वाले प्राय: सभी त्यौहारों पर भी पड़ रहा है। 25 दिसंबर को पडऩे वाले क्रिसमस पर्व पर भी कोरोना का असर पड़ेगा। सामान्यत: क्रिसमस की बधाई लोग एक दूसरे को हाथ मिलाकर देते हैं। कोरोना के कारण इस वर्ष चर्च पहुंचने वाले समाज के लोग एक दूसरे को गले मिलकर या हाथ मिलाकर नहीं बल्कि दूर से ही नमस्कार कर पर्व की बधाई देंगे। क्रिसमस पर्व को लेकर अभी तक चर्च प्रबंधन को प्रशासन से कोई गाइड लाईन नहीं मिली है लेकिन शहर के चर्च प्रबंधनों ने जागरूकता का परिचय देते कोविड नियमों का पालन करते ही क्रिसमस मनाने का निर्णय लिया है।

बात कर रहे 127 वर्ष पुराने इंदौर के रेड चर्च की जहा इस बार कोरोना19 के चलते चर्च में इंट्री के लिए पहली बार पास जारी किए गए हैं और पास भी केवल 250 लोगों के लिए ही रखे गए हैं इस दौरान बिना पास वाले व्यक्ति को अंदर आने की इजाजत नहीं दी जाएगी,,, सुरक्षा व्यवस्था की बात की जाए तो क्रिसमस पर चर्च के बाहर ही सैनिटाइजर रखा होगा जिससे चर्च के अंदर प्रवेश से पहले सभी को हाथ सैनिटाइज करने होंगे। रेड चर्च प्रबंधन बिशप चोको ने पत्रकारों को दी जानकारी में बताया कि चर्च में इस वर्ष कोरोना की वजह से 24 दिसंबर की रात में होने वाला सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन भी नहीं किया जायेगा । आपको बता दे यहां प्रतिवर्ष 24 दिसंबर की रात 12 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद केक भी काटा जाता था। इस वर्ष सिर्फ बाईबल संदेश वाचन के साथ गीत की प्रस्तुति होगी।

चर्च पहुंचने वाले सभी को मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। इंदौर रेड के बिशॉप चोको ने कहा कोविड नियमों का पालन करते पर्व मनाया जाएगा। इस दौरान सभी के लिये मास्क अनिवार्य होगा साथ ही सैनिटाइजर का भी प्रबंध होगा। क्रिसमस की पूर्व संध्या पर होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होंगे। कोरोना संक्रमण के चलते सोशल डिस्टेंस का पालन करना जरूरी है इसलिए क्रिसमस के दिन चर्च में लोग एक दूसरे को पर्व की बधाई हाथ मिलाकर नहीं बल्कि दूर से ही नमस्कार कर देंगे। कोरोना के कारण पर्व सादगी से मनाया जाएगा ओर मास्क अनिवार्य होने के साथ चर्च में प्रवेश दिया जाएगा

क्रिसमस पर्व के चलते शहर की दुकानों में इस बार भी क्रिसमस ट्री, स्टार, शांता क्लास, झूमर व झालर बिक्री होने पहुंचे हैं। समाज के लोग बड़ी संख्या में खरीददारी करने पहुंच रहे हैं।

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