COVID19: मास्क, सैनिटाइजर खरीदने के लिए 1,000 रुपये देगी ये सरकारी कंपनी

By Abhishek Raghuvanshi
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मास्क, सैनिटाइजर खरीदने के लिए 1,000 रुपये देगी ये कंपनी

Coronavirus: यह राशि चालू माह के वेतन के अतिरिक्त होगी. एनएमडीसी के वेतनमान पर लगभग 5,500 कर्मचारी हैं और अन्य 2,500 अस्थाई कर्मचारी हैं.

नई दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनएमडीसी ने शनिवार को कहा कि वह अपने सभी कर्मचारियों को सैनिटाइजर (Sanitizer) और मास्क (Mask) खरीदने के लिए एक हजार रुपये की वित्तीय सहायता देगी. देश में कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते इस समय इनकी काफी अधिक मांग है और इसकी कीमतों में बढ़ोतरी भी देखने को मिली है. एनएमडीसी के अध्यक्ष एन बैजेंद्र कुमार ने कंपनी के इस फैसले के बारे में ट्विटर पर जानकारी दी.

उन्होंने कहा, एनएमडीसी कोरोना वायरस को रोकने के लिए अस्थाई कर्मचारियों, मजदूरों, प्रशिक्षुओं सहित सभी कर्मचारियों को एक हजार रुपये की सहायता देगा. यह अपनी सभी परियोजनाओं और कार्यालयों में बरती जा रही अन्य सावधानियों के अतिरिक्त है. इस ट्वीट के साथ उन्होंने एनएमडीसी की अधिसूचना की एक प्रति भी पोस्ट की है. अधिसूचना में कहा गया है कि यह राशि चालू माह के वेतन के अतिरिक्त होगी. कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि एनएमडीसी के वेतनमान पर लगभग 5,500 कर्मचारी हैं और अन्य 2,500 अस्थाई कर्मचारी हैं.

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सरकार ने मास्क और सैनिटाइजर की कीमत तय कीउपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने ट्वीट कर कहा कि हैंड सैनिटाइजर की 200 मिलीमीटर की बोतल की खुदरा कीमत 100 रुपये से अधिक नहीं होगी. अन्य आकार की बोतलों की कीमत भी इसी अनुपात में रहेंगी. ये कीमतें 30 जून 2020 तक पूरे देश में लागू रहेंगी. ट्वीट में कहा गया है कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत 2 और 3 प्लाई मास्क में इस्तेमाल होने वाले फैब्रिक की कीमत वही रहेगी जो 12 फरवरी 2020 को थी. 2 प्लाई मास्क की खुदरा कीमत 8 रुपये और 3 प्लाई की कीमत 10 रुपये से अधिक नहीं होगी. कोरोना वायरस के फैलने के बाद से बाजार में विभिन्न फेस मास्क, इसके निर्माण में लगने वाली सामग्री और हैंड सैनिटाइजर की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि देखी गई है. सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए इनकी कीमतें तय कर दी हैं.

7 साल की होगी जेल
जरूरी उत्पाद लिस्ट में शामिल किए जाने के बाद राज्य सरकारें अब ऐसे वेंडर और दुकानदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं जो कीमत बढ़ाकर इसे बेच रहे हैं. असेशिंयल कमोडिटी ऐक्ट के तहत दोषी पाए जाने पर 7 साल तक की सजा, जुर्माना और दोनों का प्रावधान है. सरकार अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही है कि मास्क और सैनिटाइजर की सप्लाई में कोई कमी नहीं आए.

साबुन विनिर्माता कंपनियों ने कीमतें घटायी

हिंदुस्तान यूनिलीवर, गोदरेज कंज्यूमर और पतंजलि जैसी एफएमसीजी कंपनियों ने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने में लोगों की मदद के लिये साबुन तथा स्वच्छता के अन्य उत्पादों की कीमतें घटाने की घोषणा की है.

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First published: March 22, 2020, 8:48 AM IST

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