COVID-19 के खिलाफ जंग में Service Before Self का नारा दे रहे मेरठ के कर्मवीर

By Abhishek Raghuvanshi
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मेरठ में लॉक डाउन के बीच सफाई व्यवस्था दुरस्त रखते कर्मी

ये कर्मवीर हैं डॉक्टर, नर्स, पुलिस वाले, सफाई कर्मचारी और वो लोग, जो इमरजेंसी ड्यूटीज़ दे रहे हैं. न्यूज़ 18 की टीम इन कर्मवीरों के पास पहुंची जो अपनी जान की बाज़ी लगाकर आप की सेवा में सदैव तत्पर हैं.

मेरठ. उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) में लॉक डाउन (Lockdown) के दौरान कुछ ऐसे कर्मवीर हैं, जो तमाम दिक्कतों, चुनौतियों से जूझते हुए अपने फर्ज को अंजाम दे रहे हैं. ये कर्मवीर हैं डॉक्टर, नर्स, पुलिस वाले, सफाई कर्मचारी और वो लोग, जो इमरजेंसी ड्यूटीज़ दे रहे हैं. न्यूज़ 18 की टीम इन कर्मवीरों के पास पहुंची जो अपनी जान की बाज़ी लगाकर आप की सेवा में सदैव तत्पर हैं. इनका स्लोगन है- सर्विस बिफोर सेल्फ (Service Before Self).

‘वो शहर को स्वच्छ नहीं रखेंगे तो भला कौन रखेगा?’

सबसे पहले आपको मिलवाते हैं कर्मवीर सफाई कर्मचारियों से. पूरा देश जहां लॉकडाउन के दौरान घरों में रहकर देशसेवा कर रहे है, वहीं ये कर्मवीर सड़क पर निकल पड़े हैं. ताकि शहर को साफ सुथरा रखा जा सके. सुबह जब हम आप गहरी नींद में होते हैं तो ये सफाई कर्मचारी सड़क पर झाड़ू लगाते हुए नज़र आते हैं. इन कर्मवीरों का कहना है कि संकट की इस घड़ी में अगर वो शहर को स्वच्छ नहीं रखेंगे तो भला कौन रखेगा? ये सफाई कर्मचारी हमारी आपके लिए सड़कों पर तैनात हैं.

‘ताकि आप सुरक्षित रहें आप पर कोई आंच न आए’और अब आपको मिलवाते हैं उन कर्मवीरों से जो चौबीस घंटे आपकी सेवा में तत्पर हैं. ये कर्मवीर हैं पुलिसकर्मी, जो चौबीस घंटे चौराहे पर खडे़ होकर आपकी सेवा कर रहे हैं. ये कर्मवीर अपने घर परिवार की चिंता न करते हुए बीच सड़क पर ऐसे ही चौबीस घंटे तैनात रहते हैं ताकि क़ानून व्यवस्था दुरुस्त रहें. आजकल सेना की तर्ज पर ये पुलिसकर्मी कभी लोगों को समझाते हैं, कभी डंडा फटकारते हैं ताकि आप सुरक्षित रहें आप अपने घरों पर ही रहें. इन पुलिसकर्मियों का नारा है सर्विस बिफोर सेल्फ यानि ख़ुद के बारे में सोचने से पहले ये ड्यूटी के बारे में सोच रहे हैं. डायल 112 की गाड़ियां भी लोगों को शहर में घूम-घूमकर जागरुक कर रही है.

लॉक डाउन के दौरान मेरठ में चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं पुलिसकर्मी

एडीजी मेरठ ज़ोन प्रशांत कुमार भी ऐसे कर्मवीरों को नमन कर रहे हैं. एडीजी मेरठ ज़ोन प्रशांत कुमार ने न्यूज़ 18 से ख़ास बातचीत में बताया पुलिसकर्मियों को ऐसे विपरीत हालातों से निपटने के लिए विशेष तौर पर ट्रेनिंग दी गई है ताकि आप सुरक्षित रहें आप पर कोई आंच न आए.

व्यापारी भी पीछे नहीं सेवा में

वहीं व्यापारी भी इस लॉकडाउन में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. जब से लॉकडाउन हुआ है, तब से व्यापारियों ने अपनी दुकान की तरफ देखा तक नहीं है और तो और कुछ व्यापारी तो एक गाड़ी में लाउडस्पीकर लगाकर लोगों को जागरुक करने के लिए निकल पड़े हैं. ये व्यापारी लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों समझा रहे हैं कि वो अपने घरों पर रहकर ही देशसेवा करें. रास्ते में जो लोग भी मिलते हैं, ये व्यापारी उनके हाथों को भी सैनेटाइज़ कर रहे हैं.

सेवा में व्यापारी समाज भी पीछे नहीं.

चौबीसों घंटे सेवा में जुटे हैं नर्स और डॉक्टर

और सबसे ज्यादा जो अपनी सेवा अपनी जान की बाज़ी लगाकर कर रहे हैं, वो हैं डॉक्टर और नर्सेज़. ये डॉक्टर और नर्स दिन रात एक करके आपकी सेवा के लिए तत्पर हैं. बिना अपनी जान की परवाह किए पूरा मेडिकल स्टाफ निरंतर सेवाभाव से जुटा हुआ है. ऐसे कर्मवीरों को न्यूज़ 18 टीम का नमन.

चौबीसों घंटे सेवा में लगी है डॉक्टरों की टीम

वाकई में कोरोना के खिलाफ जंग में इनका योगदान देश हमेशा याद रखेगा और इन कर्मयोगियों का हमेशा ऋणी रहेगा.

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First published: March 26, 2020, 3:20 PM IST

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